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जमुई में नंदन यादव के एनकाउंटर के नाम पर वायरल हो रहे वीडियो, जानिए क्या है हकीकत

बिहार के जमुई में नाबालिग से छेड़छाड़ मामले में पुलिस एनकाउंटर और गिरफ्तारियों के बीच सोशल मीडिया पर मध्य प्रदेश व यूपी के तीन पुराने वीडियो वायरल हो रहे हैं.

Fact Check Viral Police Action Videos Not Related to Bihar Jamui Case

बिहार के जमुई जिले में 10वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा से हुई दरिंदगी और मारपीट के सनसनीखेज मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. ट्यूशन से लौट रही छात्रा और उसके दोस्त को रोककर जिस तरह मुख्य आरोपी नंदन यादव और उसके साथियों ने मॉरल पुलिसिंग के नाम पर बदसलूकी की, उसका वीडियो वायरल होने के बाद हर तरफ आक्रोश फैल गया. मामले में कड़ा एक्शन लेते हुए बिहार पुलिस ने एनकाउंटर में नंदन यादव के पैर में गोली मार उसे गिरफ्तार कर लिया और अब तक मुख्य आरोपियों समेत 7 लोगों को दबोच लिया है.

जमुई मामले पर गरमाए सियासी माहौल के बीच सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिन्हें जमुई के आरोपियों के खिलाफ पुलिस की बर्बरता या त्वरित एनकाउंटर बताकर शेयर किया जा रहा है. लेकिन असल सच्चाई कुछ और ही है.

क्या हो रहा है वायरल?

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें पुलिस कुछ लड़कों की बीच सड़क पर परेड निकालती और उन्हें डंडों से पीटती दिख रही है. दावा किया गया कि यह जमुई में छात्रा से छेड़छाड़ करने वाले लड़के हैं.

वहीं, एक अन्य वीडियो में पुलिस हिरासत में एक व्यक्ति लंगड़ाकर चलता दिख रहा है और एक महिला पुलिस अफसर उसे थप्पड़ मार रही है. इसे भी जमुई एनकाउंटर से जोड़कर फैलाया गया.

तीसरे वीडियो में पुलिस दो बुरी तरह घायल युवकों को पकड़कर ले जाती दिख रही है, जिन्हें जमुई एनकाउंटर में घायल नंदन यादव और उसका साथी बताया गया.

क्या है असल सच?

पहले वीडियो को जब रिवर्स इमेज सर्च करने पर सामने आया कि यह वीडियो बिहार का नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के अलीराजपुर का है. जुलाई 2026 में पुलिस ने एक महिला से गैंगरेप और डकैती के आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका जुलूस निकाला था.

वहीं, वायरल हो रहे दूसरे वीडियो की जांच करने पर पाया गया कि यह घटना मध्य प्रदेश के उज्जैन की है. दिसंबर 2025 में एक 9 साल की मासूम बच्ची की निर्मम हत्या करने वाले आरोपी की गिरफ्तारी के समय का यह वीडियो है.

तीसरा वीडियो उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का है. सितंबर 2026 की शुरुआत में 14 साल की बच्ची से दुष्कर्म के वांटेड आरोपियों की पुलिस मुठभेड़ के बाद का यह दृश्य है.

स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश और यूपी के पुराने मामलों के वीडियो को जमुई कांड से जोड़कर भ्रामक दावे फैलाए जा रहे हैं.

इस जांच से यह साफ है कि वायरल हो रहे वीडियोज का जमुई में छात्रा के साथ हुई बदसलूकी से कोई लेना-देना नहीं है.

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-भारत एक्सप्रेस



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