Fact Check: सोशल मीडिया पर इन दिनों दावों और अफवाहों का बाजार काफी गर्म है. हाल ही में इंटरनेट पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक सड़क के किनारे कई सारी टूटी-फूटी दुकानें नजर आ रही हैं. मलबे को देखकर साफ पता चलता है कि यहां बड़े स्तर पर बुलडोजर से तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई है. अब कुछ यूजर्स इस वीडियो को पश्चिम बंगाल का बताकर धड़ल्ले से शेयर कर रहे हैं. लेकिन वायरल हो रहे इस वीडियो की सच्चाई कुछ और ही है. आइए जानते है.
क्या हो रहा है वायरल?
वीडियो को एक्स पर पोस्ट करते हुए एक यूजर ने लिखा, ‘पश्चिम बंगाल की ममता सरकार के कार्यकाल में सरकारी जमीन पर जितने भी अवैध अतिक्रमण थे, सुवेंदु सरकार आते ही सब स्वाहा हो रहे हैं.’

लोग दावा कर रहे हैं कि बंगाल में राजनीतिक उलटफेर के बाद अब अवैध कब्जों पर ताबड़तोड़ एक्शन शुरू हो गया है.
जांच में खुली पोल
जब इस वायरल वीडियो की बारीकी से पड़ताल की गई, तो सच कुछ और ही सामने आया. वीडियो के एक फ्रेम में सड़क किनारे बनी एक इमारत पर धुंधला सा बोर्ड दिखाई देता है, जिस पर ‘CCCC Chittagong’ लिखा हुआ है. इंटरनेट पर जब इसे खोजा गया, तो पता चला कि ये ‘कैडेट कॉलेज क्लब’ (Cadet College Club) की बिल्डिंग है, जो भारत के पश्चिम बंगाल में नहीं, बल्कि पड़ोसी देश बांग्लादेश के चट्टोग्राम (Chittagong) शहर में स्थित है.
गूगल मैप्स पर भी ये लोकेशन साफ तौर पर चट्टोग्राम के ‘शेख मुजीब रोड’ के पास मिली. इसके बाद बांग्लादेश के स्थानीय मीडिया आउटलेट्स को खंगालने पर पूरा मामला साफ हो गया. असल में, बांग्लादेश के ‘चट्टोग्राम डेवलपमेंट अथॉरिटी’ (CDA) ने मई के महीने में शेख मुजीब रोड के पास एक एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का रैम्प बनाने के लिए इन अवैध दुकानों पर बुलडोजर चलाया था. बांग्लादेश की इस कार्रवाई के वीडियो को अब सोशल मीडिया पर कुछ लोग जानबूझकर पश्चिम बंगाल का बताकर सांप्रदायिक या राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं.
इस जांच से ये साफ है हो गया है कि मलबे और टूटी हुई दुकानों का वायरल वीडियो पश्चिम बंगाल का नहीं बल्कि बांग्लादेश का है. सोशल मीडिया पर सुवेंदु सरकार के बुलडोजर एक्शन के नाम पर फैलाया जा रहा यह दावा पूरी तरह से फेक है.
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-भारत एक्सप्रेस
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