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जर्मनी के कुछ लोगों ने मुलाकात में राहुल गांधी को व्यापारियों के खिलाफ माहौल बनाने वाला बताया, जानें वायरल पोस्ट का सच 

वीडियो लोक सभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से संबंधित है, जिससे दावा किया जा रहा है कि देश में व्यापारियों को चोर बना दिया गया है, जिसको लेकर जर्मनी के कुछ व्यापारियों ने इसके लिए राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया है.

Rahul Gandhi

नेताओं को लेकर वायरल होने वाले वीडियोज की सूची में अब एक और ऐसा ही वीडियो जुड़ गया है. ये वीडियो लोक सभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से संबंधित है, जिसमें वो कुछ लोगों के साथ विचार-विमर्श करते हुए दिख रहे है. अब इससे दावा किया जा रहा है कि देश में व्यापारियों को चोर बना दिया गया है जिसको लेकर जर्मनी के कुछ व्यापारियों ने इसके लिए राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया है.

क्या है वायरल दावा?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर 25 दिसंबर को एक यूजर ने इस वीडियो को पोस्ट किया था. इस वीडियो से यूजर ने दावा किया कि भारत में व्यापारियों को अब चार माना जाता है, जिसके जिम्मेदार केवल राहुल गांधी है.

वहीं, वीडियो को पोस्ट करते हुए यूजर ने लिखा कि ‘जर्मनी में कुछ व्यापारियों ने पप्पू चरसी को बड़ा शानदार बेल्ट ट्रीटमेंट दिया. व्यापारियों ने कहा कि एक व्यापारी अपनी पूरी जिंदगी सब कुछ दांव  पर लगाकर बिजनेस करता है अपने घर की पूंजी दांव पर लगता है पूरा रिस्क लेता है. अपने पूरे जीवन को दांव पर लगता है लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कुछ लोगों ने देश में ऐसा माहौल बना दिया है कि व्यापारी चोर होते हैं.’

पोस्ट के कैप्शन में आगे लिखा गया, ‘व्यापारी करप्ट होते हैं, आप पप्पू चरसी का चेहरा देखिए जैसे कोई पॉकेट मार चोर रंगे हाथ पकड़ा गया हो. यह बिल्कुल सच है किसी भी व्यापारी का जब बिजनेस डूबता है कर्मचारी तुरंत दूसरी जगह नौकरी पर लग जाते हैं. पिछले कुछ वर्षों में अगर कोई व्यापारी बैंकरप्ट हुआ है या किसी वजह से वह डूबा है तो आप सर्वे करके देखिए कर्मचारियों को कोई फर्क नहीं पड़ा कर्मचारी तो तुरंत अपना रिज्यूम naukri.com या कहीं देकर नौकरी पर लग जाता है. लेकिन उसे व्यापारी और उसके परिवार का क्या हाल होता है वह भी आप देख लीजिए. राहुल गांधी पूरे व्यापारी समुदाय को चोर करप्ट भ्रष्टाचारी खून चूसने वाला बता दिया है. ठीक वही स्क्रिप्ट राहुल गांधी का है जिस स्क्रिप्ट पर 60-70- 80 के दशक में हिंदी फिल्मों में व्यापारियों को दिखाया जाता था.’

जांच में सच आया सामने?

इस वीडियो के वायरल होने पर हमारी भारत एक्सप्रेस की फैक्ट चेक टीम ने इसकी पुष्टि शुरू की. सबसे पहले हमने वीडियो के कीफ्रेम को गूगल लेंस पर सर्च किया. जांच में इसी से संबंधित 25 दिसंबर को प्रकाशित हुई एक प्रतिष्ठित न्यूज वेबसाइट पर एक खबर मिली. खबर के अनुसार, संसद भवन में अग्रवाल वैश्य लघु उद्योग व्यापार एवं MSME से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष मुदित अग्रवाल के नेतृत्व में राहुल गांधी से मुलाकात की थी.

 

इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने व्यापारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याएं उनके सामने रखीं. उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में व्यापारियों के बीच भय का माहौल बना हुआ है और भाजपा की नीतियां छोटे व मध्यम स्तर के व्यापारियों के हितों के विपरीत साबित हो रही हैं. वहीं, इस खबर के साथ बैठक से जुड़े वीडियो के की-फ्रेम को भी साझा किया गया था.

मध्य प्रदेश कांग्रेस के फेसबुक पेज मिला पोस्ट

इसके साथ ही, 25 दिसंबर को मध्य प्रदेश कांग्रेस के फेसबुक पेज पर इस मुलाकात का वीडियो पोस्ट किया गया था. वीडियो पोस्ट को साझा करते हुए ये भी लिखा गया था कि नेता विपक्ष राहुल गांधी ने व्यापार संवाद के दौरान वैश्य समाज के लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं और आरोप लगाया गया कि मोदी सरकार की मोनोपोली नीतियां और गलत GST व्यवस्था व्यापार, रोजगार और देश के भविष्य को नुकसान पहुंचा रही हैं. कांग्रेस ने भाजपा की इस सोच के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की बात कही.

बता दें कि, मुदित अग्रवाल ने 24 दिसंबर को एक पोस्ट साझा करते हुए वायरल दावे को गलत बताया और स्पष्ट किया कि उन्होंने यह बयान भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए दिया था.

इस जांच से ये बात साफ हो जाती है कि ये मुलाकात दिल्ली के व्यापारियों से थी, न की जर्मनी के व्यापारियों से. वीडियो को गलत और झूठे दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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