रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की हालिया दो दिवसीय भारत यात्रा के बाद, सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेज़ी से वायरल हो रही है. इस तस्वीर में पुतिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अयोध्या के राम मंदिर के गर्भगृह में खड़े दिखाया गया है. इसे शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह ‘विश्व के तीन सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों का श्री चरण’ है.
जांच में क्या पता चला?
हालांकि, यह दावा पूरी तरह से भ्रामक और आधारहीन है. गूगल सर्च और गूगल लेंस की मदद से पता चला कि यह तस्वीर कई सोशल मीडिया अकाउंट्स पर बिना पुष्टि के साझा की गई थी. भारत सरकार और संबंधित मंत्रालयों ने भी पुतिन के राम मंदिर दौरे की कोई जानकारी जारी नहीं की है. विदेश मंत्रालय के सोशल मीडिया हैंडल्स पर भी ऐसी कोई तस्वीर या बयान उपलब्ध नहीं है.
AI ने बनाई तस्वीर
फैक्ट चेक के दौरान विशेषज्ञों ने तस्वीर का सूक्ष्म निरीक्षण किया और पाया कि यह एआई (AI) तकनीक द्वारा बनाई गई है. तस्वीर में पुतिन को परंपरागत भारतीय पोशाक में दिखाया गया है, जो वास्तविकता से मेल नहीं खाती. एआई-डिटेक्शन टूल ने यह पुष्टि की कि इस छवि के नकली या डीपफेक होने की संभावना 99.9 प्रतिशत है. इसका मतलब है कि वायरल तस्वीर पूरी तरह भ्रामक है और इसे सच मानकर साझा करना गलत सूचना फैलाने के समान है.
विशेषज्ञों और मीडिया फैक्ट चेकर्स का कहना है कि सोशल मीडिया यूजर्स को सतर्क और जिम्मेदार रहने की आवश्यकता है. किसी भी तस्वीर या जानकारी को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करना आवश्यक है, ताकि झूठी खबरों और भ्रामक संदेशों का प्रसार रोका जा सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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