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समोसा-जलेबी को लेकर आया नया नियम, हर बाइट में दिखेगा सरकारी फरमान

Health News: भारत सरकार ने लोगों के हेल्थ को नजर में रखते हुए सरकारी कैंटीनों के लिए एक आदेश जारी किया है. अब जब आप वहां जाएंगे तो एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.

Samosa Jalebi In Effect On Health

प्रतीकात्मक फोटो

Health News: सुबह उठने के साथ देश की एक बड़ी आबादी का नाश्ता समोसा और जलेबी से होता है. इसके बाद एक चाय और फिर कोई काम शुरू होता है. हालांकि, लोग सेहत पर इसके असर के बारे में सोचते ही नहीं है. इसी कारण अब भारत सरकार ने इस विषय को संज्ञान में लिया है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने देशभर के सरकारी कैंटीनों और रेस्टोरेंट के लिए एक खास आदेश जारी किया है जिससे यहां आने वाले ग्राहकों को समोसा जलेबी जैसे नाश्ते की हकीकत पता चल पाएगी.

भारत में बड़ी संख्या में लोग तले भुने खाने की वास्तविकता जानते हुए भी इसे भारी मात्रा में खाते हैं. इससे सेहत पर खतरनाक असर होता है. यही कारण है कि मोटापा, हृदय रोग और कोलेस्ट्रॉल के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. इसी कारण भारत सरकार ने इस विषय को गंभीरता से लिया है.

क्या है भारत सरकार का आदेश?

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार देशभर के सरकारी कैंटीनों और रेस्टोरेंट के लिए आदेश जारी किया है. इसमें समोसा, जलेबी जैसे नाश्ते के साथ स्वास्थ्य चेतावनी बोर्ड लगाने का निर्देश दिया गया है. इसके तहत अब समोसा, जलेबी या अन्य तले-भुने नाश्ते और खाने बेचने वाली कैंटीनों को रंग-बिरंगे पोस्टर लगाने होंगे. इनमें बताया जाएगा कि इसमें कितनी मात्रा में चीनी, तेल और फैट है. सरकार के इस फैसले को मोटापे और गैर-संक्रामक बीमारियों जैसे डायबिटीज और हृदय रोगों पर कमी लाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.

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फिट इंडिया पहल का हिस्सा

विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के आंकड़ों के अनुसार, भारत में 7.7 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं. साल 2050 तक इनकी संख्या बढ़कर 44.9 करोड़ तक पहुंच सकती है. ऐसे में ‘फिट इंडिया’ पहल के तहत भारत सरकार ने कदम उठाया है. इसमें तेल की खपत में 10 प्रतिशत कटौती और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है.

सेहत पर खाने का असर जानना जरूरी

सरकार का ये कदम लोगों को स्वस्थ खानपान के लिए प्रेरित करेगा. न्यूज एजेंसी IANS से बात करते हुए नागपुर के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमर आमले ने बताया कि एक गुलाब जामुन में पांच चम्मच चीनी हो सकती है. उन्होंने कहा कि यह फैसला लोगों को उनके खानपान के प्रति जागरूक करने के लिए खास है. पहले सिगरेट और तंबाकू पर चेतावनी लेबल लगाया गया था. अब समोसा, जलेबी और वडापाव जैसे खाद्य पदार्थों के लिए भी चेतावनी बोर्ड लगेंगे. उन्होंने कहा कि आपको जो खाना है खाओ लेकिन उसके बारे में जान ले कि वह आपकी सेहत पर कितना असर डाल रहा है.



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