Aaj ka Mausam: अप्रैल का महीना शुरू होते ही आमतौर पर हम कूलर और एसी की सर्विसिंग की सोचने लगते हैं, लेकिन साल 2026 की कुदरत ने कुछ अलग ही ‘प्लानिंग’ कर रखी है. आज 7 अप्रैल है और देश के एक बड़े हिस्से में चिलचिलाती धूप की जगह आंधी, बारिश और ओलों का ‘ट्रिपल अटैक’ देखने को मिल रहा है. आलम ये है कि सैटेलाइट तस्वीरों में उत्तर भारत के ऊपर बादलों का एक इतना घना पैच दिख रहा है, जिसे देखकर खुद वैज्ञानिक भी हैरान हैं. पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और मैदानों में चल रही ठंडी हवाओं ने अप्रैल के महीने में ‘दिसंबर वाली ठिठुरन’ का अहसास करा दिया है.
दिल्ली-NCR: ‘फरवरी’ जैसा अहसास
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में आज सुबह की शुरुआत हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाओं के साथ हुई. मौसम विभाग ने आज और कल (8 अप्रैल) के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है. अनुमान है कि दिल्ली का पारा जो 35 डिग्री के करीब था, वो गिरकर 21 से 26 डिग्री के बीच आ सकता है. यानी दिन में भी आपको हल्की जैकेट या चादर की जरूरत महसूस हो सकती है. 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं धूल तो उड़ाएंगी ही, साथ ही बिजली कड़कने के साथ बारिश की भी पूरी संभावना है.
यूपी, एमपी और बिहार: आंधी-बारिश का लंबा दौर
उत्तर प्रदेश में तो मौसम विभाग ने 50 से अधिक जिलों के लिए चेतावनी जारी की है. नोएडा, गाजियाबाद से लेकर कानपुर और रायबरेली तक आज झमाझम बारिश के आसार हैं. अलीगढ़, आगरा और मथुरा जैसे जिलों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं और ओले गिरने का भी खतरा है. वहीं, मध्य प्रदेश और बिहार में भी 9 अप्रैल तक आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. पटना और जमुई समेत बिहार के कई जिलों में ओले गिरने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है, जो बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं का नतीजा है.
राजस्थान और हरियाणा: ओलों की मार और ठंडी सुबह
राजस्थान में मौसम का मिजाज सबसे ज्यादा बिगड़ा हुआ है. आज प्रदेश के 17 जिलों में आंधी-तूफान के साथ ओले गिरने का अलर्ट जारी किया गया है. बीकानेर और आसपास के इलाकों में तो सुबह से ही वेदर सिस्टम ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है, जहां अच्छी बारिश दर्ज की गई है. जयपुर में भी बादलों ने डेरा डाल रखा है और ठंडी हवाएं चल रही हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार आ रहे इन पश्चिमी विक्षोभों के कारण जमीन का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है. इसका एक पहलू यह भी है कि अगर जमीन ठंडी रही और समुद्र तपता रहा, तो आने वाले मानसून पर इसका बुरा असर पड़ सकता है.
उत्तराखंड: पहाड़ों पर बर्फ और मैदानों में आफत
देवभूमि उत्तराखंड में भी मौसम का मिजाज काफी सख्त है. उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे सीमांत जिलों में मध्यम बारिश और 3300 मीटर से ऊंचे इलाकों में बर्फबारी का सुहाना मगर चुनौतीपूर्ण दौर जारी है. हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में भी 50 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली चमकने का अनुमान है. अगर आप इन दिनों पहाड़ों की यात्रा पर हैं, तो अपने साथ रेनकोट और गर्म कपड़े जरूर रखें.
किसानों के लिए बड़ी चिंता
अप्रैल का यह मौसम भले ही आम लोगों को गर्मी से राहत दे रहा हो, लेकिन किसानों के लिए यह किसी आफत से कम नहीं है. गेहूं और सरसों की पककर तैयार फसल के लिए ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश काफी नुकसानदेह है. प्रशासन ने किसानों को कटी हुई फसल सुरक्षित रखने और मौसम साफ होने तक कृषि कार्य टालने की सलाह दी है. राहत की बात बस इतनी है कि 9 अप्रैल के बाद धीरे-धीरे मौसम साफ होगा और गर्मी अपनी वापसी करेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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