राऊज एवेन्यु कोर्ट ने वक्फ बोर्ड भर्ती अनियमितता मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत आरोपी आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक अमानतुल्लाह खान के मामले में अगली सुनवाई 4 मार्च को तय की है. इस मामले में एक गवाह का बयान दर्ज होना था, लेकिन वह कोर्ट में उपस्थित नहीं हो पाया. गवाह की अनुपस्थिति पर अमानतुल्लाह खान के वकील ने आपत्ति जताई, जिस पर एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने गवाह को अगली सुनवाई में पेश होने का आदेश दिया है.
दो प्राथमिकी से जुड़ा मामला
यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दो प्राथमिकी से संबंधित है. पहली प्राथमिकी वक्फ बोर्ड में अनियमितताओं से जुड़ी है, जो सीबीआई द्वारा जांची जा रही है. दूसरी प्राथमिकी दिल्ली एसीबी द्वारा आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले से संबंधित है. ईडी का आरोप है कि अमानतुल्लाह खान के वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष रहते हुए, वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को गलत तरीके से पट्टे पर देकर और कर्मचारियों की अवैध भर्ती करके अवैध व्यक्तिगत लाभ कमाया गया.
चार्जशीट और आरोप
ईडी ने जनवरी 2024 में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें अमानतुल्लाह खान के तीन सहयोगियों– जीशान हैदर, दाऊद नासिर, और जावेद इमाम सिद्दीकी – को आरोपी बनाया गया है. 5 हजार पेज की चार्जशीट में पार्टनरशिप फर्म स्काई पावर को भी आरोपित किया गया है. अमानतुल्लाह खान पर 2018-2022 के दौरान वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को गलत तरीके से पट्टे पर देने और कर्मचारियों की अवैध भर्ती करने के आरोप हैं.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.





