Amit Shah
आज पूरा देश, खासकर पंजाब और हरियाणा, सुनहरी फसलों की महक और ढोल की थाप के साथ ‘बैसाखी’ का त्योहार मना रहा है. बैसाखी का ये दिन न केवल नई फसल के आने की खुशी है, बल्कि ये साहस, समर्पण और उमंग का भी प्रतीक है. इस पावन अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को बधाई देते हुए सभी के सुखद भविष्य की मंगलकामना की है. शाह ने अपने संदेश में बैसाखी को समृद्धि और ऊर्जा का संचार करने वाला पर्व बताया.
समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए : अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपनी शुभकामनाएं दी.
सभी को बैसाखी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ।
उत्साह और हर्षोल्लास का यह पर्व आपके जीवन में समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए एवं सुख, शांति और नई ऊर्जा का संचार हो, यह कामना करता हूँ।
ਸਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਵਿਸਾਖੀ ਦੇ ਪਾਵਨ ਤਿਉਹਾਰ ਦੀਆਂ ਲੱਖ-ਲੱਖ ਵਧਾਈਆਂ।
ਉਤਸ਼ਾਹ ਅਤੇ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਦਾ ਇਹ ਤਿਉਹਾਰ… pic.twitter.com/X1mamIYOr7
— Amit Shah (@AmitShah) April 13, 2026
अमित शाह ने अफने पोस्ट में कहा, “सभी को बैसाखी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं. उत्साह और हर्षोल्लास का ये पर्व आपके जीवन में समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए एवं सुख, शांति और नई ऊर्जा का संचार हो, यह कामना करता हूं.”
बैसाखी: सिर्फ एक त्योहार नहीं
देश के किसान अपनी मेहनत के फल यानी रबी की फसल को घर लाने की तैयारी में हैं. बैसाखी का सीधा नाता हमारी खेती-किसानी और मिट्टी से जुड़ा है. जब गेहूं की बालियां सुनहरी होकर झूमने लगती हैं, तो किसान का मन नाच उठता है.
बैसाखी का दिन भारतीय इतिहास में एक मील का पत्थर भी है. इसी दिन साल 1699 में सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी ने ‘खालसा पंथ’ की स्थापना की थी. ये दिन हमें जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने और मानवता की रक्षा करने का सबक सिखाता है.
नई ऊर्जा और एकता का प्रतीक
ये पर्व हमें सिखाता है कि मेहनत के बाद जो परिणाम मिलता है, उसका उत्सव साथ मिलकर मनाना चाहिए. देशभर के मंदिरों और गुरुद्वारों में आज श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. दिल्ली से लेकर अमृतसर तक, हर गली और मोहल्ला बैसाखी के रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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