Amit Shah In Maheshwari Global Convention 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जोधपुर में आयोजित ‘माहेश्वरी ग्लोबल कन्वेंशन और एक्सपो-2026’ में शिरकत की. पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में शाह ने माहेश्वरी समाज के गौरवशाली इतिहास और देश के विकास में उनके योगदान की जमकर सराहना की.
स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में भूमिका
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि माहेश्वरी समाज का इतिहास त्याग और बलिदान का रहा है. मुगलों और अंग्रेजों के शासनकाल में जब भी देश को जरूरत पड़ी, यह समाज डटकर खड़ा रहा. उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महात्मा गांधी के अभियानों को सफल बनाने के लिए माहेश्वरी समाज ने पूरी आर्थिक मदद दी थी.
व्यापार और टेक्नोलॉजी में प्रगतिशीलता
गृह मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में इस समाज का योगदान अतुलनीय है. चाहे मैन्युफैक्चरिंग हो, ट्रेडिंग हो या फिर आधुनिक टेक्नोलॉजी, माहेश्वरी समाज ने हर क्षेत्र में प्रगतिशीलता का परिचय दिया है. आज मारवाड़ के लोग दुनिया के हर कोने में अपनी व्यापारिक कुशलता का लोहा मनवा रहे हैं.
पीएम मोदी के विजन का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि 2014 में भारत दुनिया की 11वीं अर्थव्यवस्था था, जो अब केवल 11 साल में चौथे नंबर पर पहुंच गया है और जल्द ही तीसरे स्थान पर होगा. उन्होंने ‘अमृत काल’ के लिए तीन मंत्र दिए:
- उत्पादन और उद्योग को बढ़ावा देना
- स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करना
- अपनी मातृभाषा और संस्कृति (स्वभाषा) को अपनाना
बच्चों से मारवाड़ी में बात करें- अमित शाह
अमित शाह ने नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़े रहने की नसीहत दी. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे दुनिया की चाहे जितनी भाषाएं सिखाएं, लेकिन घर में बच्चों के साथ अपनी मातृभाषा (मारवाड़ी) और हिंदी में ही बात करें. अपनी संस्कृति और भाषा से जुड़ाव ही हमें मजबूत बनाएगा.
ये भी पढ़ें: किसे किडनैप कराना चाहता है पाकिस्तान? ख्वाजा आसिफ का तुर्किए को ट्रंप के खिलाफ भड़काउ सुझाव
समाज की एकजुटता देश की ताकत
शाह ने कहा कि माहेश्वरी समाज ने कभी देश को बांटने का काम नहीं किया, बल्कि अपनी संगठन शक्ति से देश को जोड़ा है. जब कोई समाज अपने कमजोर और गरीब भाई-बहनों की चिंता खुद करता है, तो पूरा राष्ट्र आत्मनिर्भर बनता है. उन्होंने बताया कि समाज के योगदान को सम्मान देने के लिए भारत सरकार ने डाक टिकट भी जारी किया है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


