Amit Shah Parliament: संसद के मॉनसून सत्र में छात्रों के आंदोलन और उनके खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा अब सदन के भीतर गरमाने वाला है. केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है. सरकार की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जवाब देंगे. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से अपील की है कि जब गृह मंत्री सदन में अपनी बात रखें तो विपक्ष उनकी बात शांतिपूर्वक सुने और हंगामा न करे.
दरअसल, पिछले कई दिनों से विपक्ष छात्र आंदोलन, NEET पेपर लीक और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज को लेकर सरकार को घेर रहा है. विपक्ष लगातार मांग कर रहा था कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर इस पूरे मामले पर जवाब दें. अब सरकार ने चर्चा के लिए हामी भर दी है.
‘एक-एक सवाल का जवाब दिया जाएगा’
किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने को तैयार है. विपक्ष जिन सवालों को उठाना चाहता है, उनका जवाब दिया जाएगा. उन्होंने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों से कहा कि अगर वे सरकार से जवाब चाहते हैं तो गृह मंत्री के बोलने के दौरान सदन में नारेबाजी या हंगामा नहीं होना चाहिए.
#WATCH | Delhi | On parliamentary deadlock, Union Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju says, “The offer made by the government is very clear that it is ready to have a full and detailed discussion on students’ movement and activities related to it. My only point made to… pic.twitter.com/w5BqeQotrn
— ANI (@ANI) August 10, 2026
रिजिजू ने कहा कि सरकार चर्चा से पीछे नहीं हट रही है, लेकिन चर्चा का मतलब यह भी है कि दोनों पक्षों को एक-दूसरे की बात सुननी होगी. उनका कहना है कि सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दों और परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर अपना पक्ष संसद के सामने रखने के लिए तैयार है.
BAC बैठक में सामने आईं अलग-अलग मांगें
संसद की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी यानी BAC की बैठक में सरकार ने छात्र आंदोलन पर चर्चा का प्रस्ताव रखा. वहीं विपक्ष ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी के मामले को भी चर्चा में शामिल करने की मांग की है. यानी सरकार और विपक्ष की प्राथमिकताएं फिलहाल अलग-अलग दिखाई दे रही हैं.
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बैठक में FCRA संशोधन और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर चर्चा को लेकर कोई प्रस्ताव सामने नहीं आया. वहीं, सरकार लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026 पेश कर चुकी है. इस बिल का मकसद पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए मौजूदा व्यवस्था को और मजबूत करना है.
-भारत एक्सप्रेस
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