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चुनाव सुधार पर गरमाई लोकसभा! राहुल ने टोका तो अमित शाह ने दिया करारा जवाब, प्रेस कॉन्फ्रेंस पर डिबेट की चुनौती

Electoral Reform Discussion: लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान अमित शाह और राहुल गांधी के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस पर डिबेट की चुनौती दी, जबकि शाह ने कहा कि उनके बोलने का क्रम वह खुद तय करेंगे.

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Electoral Reform Discussion: लोकसभा में चुनाव सुधार (Election Reforms) को लेकर जारी चर्चा के दौरान एक दिलचस्प पल देखने को मिला, जब गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) को विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने बीच में टोक दिया. यह घटना तब हुई जब अमित शाह लोकसभा के पटल पर चुनाव सुधार से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रख रहे.

राहुल गांधी ने अमित शाह को टोका

गृह मंत्री अमित शाह बुधवार (10 दिसंबर) को लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा में शामिल हुए. गृह मंत्री ने चुनाव सुधार को लेकर अपनी बात रखी तो उन्होंने कहा, “विपक्ष के नेता की तीनों प्रेस कॉन्फ्रेंस का जवाब दूंगा. एक सादी वाली, एक एटम बम वाली और एक हाइड्रोजन बम वाली. हर सवाल का जवाब दूंगा.” जिसके बाद नेता विपक्ष राहुल गांधी ने उन्हें बीच में टोक दिया.

प्रेस कॉन्फेंस पर डिबेट की चुनौती दी

नेता विपक्ष राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को बीच में टोका. इस पर अमित शाह ने कहा कि 30 साल से संसद या विधानसभा में चुनकर आ रहा हूं. ऐसा कभी नहीं हुआ. मेरे बोलने का क्रम मैं तय करूंगा, आप नहीं. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि ये डरा हुआ, घबराया हुआ रेस्पॉन्स है. सच्चा रेस्पॉन्स नहीं है. अमित शाह ने कहा कि मैं उनके माथे पर चिंता की लकीरें साफ देख रहा हूं कि क्या बोलूंगा. उनके उकसावे में नहीं आऊंगा, अपने क्रम से बोलूंगा. इससे पहले, राहुल गांधी ने गृह मंत्री के बयान के बीच में उन्हें रोकते हुए कहा कि चुनाव आयोग को फुल इम्युनिटी देने के आइडिया पर सबसे पहले बताएं. हरियाणा में एक उदाहरण दिया इन्होंने, वहां अनेक उदाहरण हैं. राहुल गांधी ने अमित शाह को फ्री प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिबेट की चुनौती दी.


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विपक्ष पर हमलावर रहे अमित शाह

गृह मंत्री ने कहा कि विपक्ष चुनाव सुधार के मुद्दे पर भ्रम फैला रहा है, जबकि सरकार चुनाव प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के प्रयास कर रही है. अमित शाह ने  विपक्ष पर एसआईआर (SIR) को लेकर झूठ फैलाने का आरोप लगाया और इसका इतिहास भी गिनाया. अमित शाह ने कहा कि 2000 के बाद तीन बार एसआईआर हुआ और दो बार बीजेपी-एनडीए की सरकार थी, एक बार मनमोहन सिंह की सरकार थी. तब किसी ने विरोध नहीं किया. यह चुनाव को पवित्र रखने की प्रक्रिया है. चुनाव जिस आधार पर होते हैं, वह वोटर लिस्ट ही अशुद्ध है, तो चुनाव कैसे पवित्र हो सकते हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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