केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को हुगली जिले के उत्तरपाड़ा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती है, तो पिछले 15 वर्षों में राज्य से बंद हो चुकी या बाहर चली गई फैक्ट्रियों और उद्योगों को वापस लाने के प्रयास किए जाएंगे.
अमित शाह ने अपने भाषण में सबसे पहले राज्य के औद्योगिक हालात का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पिछले करीब 15 सालों में पश्चिम बंगाल से कई फैक्ट्रियां बंद हो गईं या दूसरे राज्यों में चली गईं. उनका आरोप था कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में उद्योगों को बढ़ावा नहीं मिला और कोई बड़ा निवेश भी राज्य में नहीं आया.
शाह ने लोगों से वादा किया कि अगर इस बार भाजपा को मौका मिलता है, तो बंद पड़े उद्योगों को फिर से चालू कराने की कोशिश की जाएगी. साथ ही नए निवेश को आकर्षित करने के लिए भी खास योजनाएं बनाई जाएंगी. उनका कहना था कि इससे न सिर्फ रोजगार के मौके बढ़ेंगे, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.
ममता सरकार पर किया हमला
अपने भाषण के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. शाह ने यह भी कहा कि एक महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद ममता बनर्जी महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने में नाकाम रही हैं.
अमित शाह ने भरोसा दिलाया कि अगर भाजपा की सरकार बनती है, तो महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़े.
हिंगलगंज में एक अन्य रैली के दौरान शाह ने अवैध घुसपैठ का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में इस पर रोक लगाने में सरकार नाकाम रही है. उनका कहना था कि भाजपा की सरकार आने पर ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर किया जाएगा.
इसके अलावा उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर चुनाव के दौरान किसी ने गड़बड़ी करने या मतदान प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.
विकास और रोजगार पर फोकस
कुल मिलाकर, अमित शाह ने अपने भाषण में राज्य की मौजूदा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए भाजपा के एजेंडे को सामने रखा. उन्होंने साफ किया कि उनकी प्राथमिकता उद्योगों को बढ़ावा देना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना है.
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-भारत एक्सप्रेस
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