Bharat Express DD Free Dish

FY 2026 में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों ने दर्ज की 15.9% की क्रेडिट ग्रोथ, देश कर रहा तेज तरक्की- मोदी सरकार

भारत के बैंकिंग सेक्टर में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कर्ज वितरण में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

PM Modi congratulates new NITI Aayog members Dr Joram Anya and Dr R Balasubramaniam

देश की बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ा एक अहम अपडेट सामने आया है. मोदी सरकार ने जानकारी दी है कि देश के अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों ने वित्त वर्ष 2025-26 में कर्ज देने की रफ्तार में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की है. यह बढ़ोतरी न सिर्फ मजबूत होती अर्थव्यवस्था की ओर इशारा करती है, बल्कि लोगों और कारोबारियों की बढ़ती उधारी जरूरतों को भी साफ दिखाती है.

कर्ज की रफ्तार ने पकड़ी तेज़ी

वित्त मंत्रालय के मुताबिक, इस वित्त वर्ष में बैंकों की कुल क्रेडिट ग्रोथ 15.9 प्रतिशत रही है, जो पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर है. खास बात यह है कि गैर-खाद्य कर्ज (Non-Food Credit) में भी इतनी ही वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 5 प्रतिशत अंक ज्यादा है. मार्च 2026 तक देश में कुल बकाया बैंक कर्ज 212.9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, यानी पिछले साल की तुलना में करीब 29 लाख करोड़ रुपये का इज़ाफा हुआ.

किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बढ़ा कर्ज?

इस बार कर्ज बढ़ने का दायरा काफी व्यापक रहा है. सबसे ज्यादा योगदान सर्विस सेक्टर का रहा, जिसके बाद पर्सनल लोन, कृषि और फिर औद्योगिक क्षेत्र का नंबर आता है.

कृषि क्षेत्र के लिए यह साल खास रहा, जहां कर्ज वृद्धि 15.7 प्रतिशत तक पहुंच गई. ग्रामीण इलाकों में लगातार बढ़ती मांग और बैंकिंग सिस्टम में बढ़ती भागीदारी ने इस बढ़ोतरी को और मजबूत किया.

औद्योगिक क्षेत्र में भी इस बार अच्छी तेजी देखने को मिली है. कुल मिलाकर उद्योगों में कर्ज वृद्धि 15 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुनी है.

सबसे बड़ा उछाल माइक्रो और स्मॉल इंडस्ट्रीज में देखने को मिला, जहां कर्ज की रफ्तार 33.1 प्रतिशत तक पहुंच गई. वहीं मिड-साइज इंडस्ट्रीज में भी 21.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इंफ्रास्ट्रक्चर, मेटल, केमिकल और एनर्जी जैसे सेक्टरों ने इस ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई.

सर्विस और पर्सनल लोन सेक्टर में मजबूती

सेवा क्षेत्र, जो बैंकिंग क्रेडिट का बड़ा हिस्सा है, इस साल 19 प्रतिशत की मजबूत ग्रोथ के साथ आगे रहा. इसमें एनबीएफसी, ट्रेड और कमर्शियल रियल एस्टेट जैसी गतिविधियों की अहम भूमिका रही.

दूसरी ओर, पर्सनल लोन सेक्टर भी 16.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ मजबूत बना रहा तथा होम लोन, ऑटो लोन और गोल्ड लोन की मांग में लगातार इजाफा देखा गया है.

ये भी पढ़ें- बंगाल में BJP के आते ही खत्म हुआ मंदिरों का ‘वनवास’! आसनसोल में खुले दुर्गा टेंपल के कपाट तो क्या बोले लोग?

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read