Bharat Bharti National Convention: आरएसएस की प्रेरणा से संचालित राष्ट्रवादी संगठन भारत भारती का तीन दिवसीय पांचवां राष्ट्रीय अधिवेशन पुणे में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. संगठन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अधिवेशन में देशभर के 25 प्रांतों और 100 शहरों से आए लगभग 400 प्रतिनिधियों ने भाग लिया. कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष, प्रभारियों के साथ-साथ शिक्षाविद, उद्योगपति, पूर्व सैन्य अधिकारी और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग भी मौजूद रहेय
राष्ट्रीय नेतृत्व की मौजूदगी में हुआ अधिवेशन
अधिवेशन की अध्यक्षता भारत भारती के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष विनय भाई पत्राले ने की, जबकि ट्रस्ट अध्यक्ष सुभाष धावन की विशेष उपस्थिति रही. कार्यक्रम का संचालन सचिव रुद्र नारायण तिवारी ने किया. इस दौरान संगठन मंत्री जगन्नाथ कुंजबिहारी स्वाईं, सह सचिव साधना राव और डॉ. अरविंद पवार भी मंच पर मौजूद रहे.
पूर्व इसरो प्रमुख ने किया उद्घाटन
अधिवेशन का उद्घाटन इसरो के पूर्व अध्यक्ष और चंद्रयान-2 मिशन से जुड़े वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एस. सोमनाथ ने किया. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत भारती विभिन्न राज्यों, भाषाओं और समाज के लोगों को जोड़ते हुए “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को मजबूत करने का कार्य कर रही है. उन्होंने विकसित भारत और भारत को विश्वगुरु बनाने के लक्ष्य की दिशा में सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया.
सामाजिक योगदान देने वाली हस्तियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाली विभिन्न हस्तियों को सम्मानित किया गया. उन्हें स्मृति-चिह्न और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए. आयोजन में विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां भी शामिल रहीं.
देशभर में संगठन के विस्तार पर हुई चर्चा
भारत भारती के उत्तर क्षेत्र प्रभारी इरफान अहमद ने कहा कि संगठन पिछले दो दशकों से विभिन्न भाषाओं और राज्यों के लोगों को जोड़कर एक विकसित और गौरवशाली भारत के निर्माण के उद्देश्य से कार्य कर रहा है. उन्होंने कहा कि संगठन राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है.
अधिवेशन का समापन आरएसएस के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने किया. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत भारती देश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय मूल्यों को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने का कार्य कर रही है. उन्होंने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उसके इतिहास और महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला.
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इन प्रमुख हस्तियों की रही उपस्थिति
अधिवेशन में मेजर संजय मेहरोत्रा, मेजर संतोष हेगड़े, कर्नल देवेंद्र सिंह गहलोत, अनीता आचार्य, रीना गहलोत, गीता अग्रवाल, विजया गुप्ता, पूर्व आईपीएस रुपिंदर कौर, मीनाक्षी पद्मनाभम, विवेकानंद दीक्षित और विनोद त्रिपाठी सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए.
कार्यक्रम के अंत में भारत भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री जगन्नाथ कुंजबिहारी स्वाईं ने सभी अतिथियों और प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया. साथ ही आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले अचल जैन, शिरीष गुढ़े और उनकी पूरी टीम का विशेष अभिनंदन किया गया.
-भारत एक्सप्रेस
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