

देश के ग्रामीण इलाकों में सस्ती और तेज इंटरनेट सेवा देने के लिए भारतनेट परियोजना के तहत अब तक 2 लाख से ज्यादा ग्राम पंचायतों को सर्विस-रेडी बना दिया गया है. यह जानकारी केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने बुधवार को राज्यसभा में लिखित जवाब में दी.
भारतनेट परियोजना क्या है?
भारतनेट परियोजना को दूरसंचार विभाग (DoT) चरणबद्ध तरीके से लागू कर रहा है. इसका उद्देश्य हर ग्राम पंचायत तक ब्रॉडबैंड सेवा पहुंचाना है. मंत्री ने बताया कि इस परियोजना के तहत बनाए गए इंफ्रास्ट्रक्चर को सभी सेवा प्रदाताओं के लिए खुला रखा गया है. इसके जरिए फाइबर टू होम (FTTH), लीज़्ड लाइन, डार्क फाइबर, मोबाइल टावर बैकहॉल जैसी सुविधाएं दी जा सकती हैं.
फरवरी 2025 तक कुल 2,14,323 ग्राम पंचायतों को सर्विस-रेडी बनाया जा चुका है.
संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (ABP)
केंद्रीय कैबिनेट ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (ABP) को मंजूरी दी है. यह डिजाइन, बिल्ड, ऑपरेट और मेंटेन (DBOM) मॉडल पर आधारित है. इसके तहत:
भारतनेट फेज-1 और फेज-2 नेटवर्क को अपग्रेड किया जाएगा.
अब तक सर्विस-रेडी नहीं हुई 42,000 ग्राम पंचायतों में नेटवर्क स्थापित किया जाएगा.
इस नेटवर्क का 10 साल तक संचालन और रखरखाव किया जाएगा.
BSNL को मिला लक्ष्य
भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) को अगले पांच सालों में 1.50 करोड़ घरों तक FTTH कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य दिया गया है. मंत्री ने बताया कि संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (ABP) मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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