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Delhi Election 2025 से पहले ताहिर हुसैन को बड़ी राहत, SC ने दी 6 दिन की कस्टडी पैरोल, जानिए क्या हैं शर्तें?

ताहिर हुसैन सुबह 6 से शाम 6 बजे तक जेल से बाहर रह सकेंगे, उसके बाद उन्हें जेल जाना होगा. इससे पहले उनकी अंतरिम जमानत की याचिका पर दो जजों की बेंच ने स्प्लिट वर्डिक्ट दिया था.

Tahir Hussain got custody parole

ताहिर हुसैन को मिली कस्टडी परोल

Edited by Akansha

AIMIM उम्मीदवार और आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है. कोर्ट ने हुसैन को दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रचार के लिए 29 जनवरी से 3 फरवरी तक कस्टडी पैरोल पर रिहा करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि हुसैन को अपनी कस्टडी पैरोल की सभी खर्च खुद उठाने होंगे, जिसमें दिल्ली पुलिस के अधिकारियों की तैनाती, जेल वैन और सुरक्षा में इस्तेमाल गाड़ियों का खर्च शामिल है. जिसके लिए हुसैन तैयार हो गया है. ताहिर हुसैन को प्रत्येक दिन 12 घंटे के लिए 2 लाख 7 हजार रुपए वहन करना है.

ताहिर हुसैन सुबह 6 से शाम 6 बजे तक जेल से रह सकेंगे बाहर

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि हुसैन जेल मैन्युअल के अनुसार जेल से रिहा किया जाएगा. हुसैन प्रत्येक दिन सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक प्रचार कर सकेंगे. कोर्ट ने यह भी कहा कि हुसैन पार्टी कार्यालय नज सकते हैं. लेकिन प्रचार के दौरान केस से संबंधित कोई बयान नही देंगे. जस्टिस दीपांकर दत्ता की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह फैसला दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान ताहिर हुसैन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ अग्रवाल ने कोर्ट ने कहा कि चुनाव के बस चार-पांच दिन ही बचे है. लिहाजा पुलिस कस्टडी में चुनाव प्रचार करने की अनुमति दी जाए.

ताहिर हुसैन के वकील ने कही ये बात

ताहिर हुसैन के वकील ने कहा कि जिस जगह मेरा घर है, वहां दिल्ली दंगे हुए थे, कोर्ट अगर कस्टडी पैरोल देता है तो मैं कह रहा हूं कि मैं घर नहीं जाऊंगा. होटल में रहूंगा और विवरण दूंगा. दिल्ली पुलिस की ओर से पेश एएसजी एसवी राजू ने अंतरिम जमानत का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि इसपर आरोप गंभीर है. आईबी अधिकारी की हत्या का आरोप है. इस दंगे में 56 लोगों की मौत हुई है.

यह भी पढ़ें: शरीयत कानून को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट मई को सुनवाई करेगा

कोर्ट ने पूछा ये सवाल

कोर्ट ने  ताहिर हुसैन के वकील से पूछा कि इसके अलावे और कितने मामले है जिसमें जमानत नही मिली है. उन्होंने कहा कि दो मामलों में जमानत के लिए निचली अदालत में उनकी अर्जी लंबित है. जस्टिस विक्रमनाथ ने कहा कि कस्टडी पैरोल भी जोखिम भरा है. एएसजी राजू ने कहा कि अगर हर उम्मीदवार को कस्टडी पैरोल दिया गया तो बहुत पुलिसकर्मियों की जरूरत पड़ेगी. जस्टिस नाथ ने पूछा कि कितने ऐसे कैदी है, जिन्होंने जेल से पर्चा भरा है? कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के वकील से पूछा कि ऐसा नही है कि वो अचानक चुनाव लड़ रहे हैं. वो लंबे समय से पब्लिक सर्विस में है.

ताहिर हुसैन को किन शर्तों के साथ मिली कस्टडी परोल-

  • 29 जनवरी से 3 फरवरी तक कस्टडी परोल (कुल 6 दिन)
  • सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक ही बाहर रहेंगे
  • उसके बाद जेल जाना होगा
  • अपनी सुरक्षा और सरकारी वाहन पर आने वाला रोजाना 2,07,428 (2 लाख 7 हजार 429) का खर्च देना होगा
  • हर बार 2 दिन का एडवांस भुगतान करेंगे
  • एडवांस पेमेंट मिलने पर ही बाहर आ सकेंगे
  • चुनाव प्रचार कर सकेंगे, लेकिन केस को लेकर टिप्पणी नहीं करेंगे, गवाहों से भी नहीं मिलेंगे
  • अपने परिचित उस्मान अहमद और क्राउन प्लाजा गेस्ट हाउस में रहेंगे
  • पुलिस टीम के लिए भी व्यवस्था करेंगे
  • अपने घर (E-7, मेन करावल नगर) नहीं जाएंगे

-भारत एक्सप्रेस 



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