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ब्रह्मा की काया से नितिन नबीन तक! कायस्थों के हिसाब-किताब से बीजेपी का बंगाल फतह का क्या है मेगा प्लान?

Nitin Nabin: बिहार के नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर बीजेपी ने पश्चिम बंगाल और यूपी में भी अपनी पकड़ मजबूत की है. पश्चिम बंगाल में कायस्थों की आबादी 28 लाख के करीब है. ये पूरे बंगाल में फैले हुए हैं. बीजेपी नबीन को आगे कर इमोशनल कार्ड खेलने की कोशिश कर रही है.

Nitin Nabin

Nitin Nabin: पुराणों में एक कथा का जिक्र है. जिसके मुताबिक जब ब्रह्मा जी ने दुनिया बनाई तो यमराज ने उनसे शिकायत कर दी. यमराज ने कहा कि इतने इंसानों के कर्मों का हिसाब रखने के लिए मुझे कोई चाहिये. फिर ब्रह्मा जी के आज्ञा से चित्रगुप्त प्रकट हुए. चित्रगुप्त से ब्रह्मा जी ने कहा कि तुम मेरी काया से जन्मे हो इसलिए आज से तुम कायस्थ कहलाओगे.

पौराणिक कथाओं से इतर मुगल काल में अकबर के नवरत्नों में से एक टोडरमल भी इसी कायस्थ समाज से आते थे. उनके बनाए गए टैक्स सिस्टम से खुश होकर अकबर ने कायस्थों को कई इलाकों में जमींदारियां दी थी. बिहार में कायस्थ समाज की संख्या मात्र 0.60 प्रतिशत है, लेकिन इसे बिहार का सबसे शिक्षित और अमीर समाज माना जाता है.

राजनीति पर है जबरदस्त पकड़

कायस्थ समाज की इन्हीं क्षमता को देखते हुए इस बार बीजेपी ने नितिन नबीन को अपना अध्यक्ष बनाया है. इनकी पहचान सिर्फ कायस्थ समाज तक सीमित नहीं है, वे लगातार 5 बार से चुनाव जीतकर विधायक बनते रहे हैं. राजनीति में जबरदस्त पकड़ रखने वाले नितिन नबीन ने बिहार में बीजेपी की जड़ें मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है.

यूपी-बंगाल में कायस्थों की मजबूत पकड़

बिहार के नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर बीजेपी ने पश्चिम बंगाल और यूपी में भी अपनी पकड़ मजबूत की है. पश्चिम बंगाल में कायस्थों की आबादी 28 लाख के करीब है. ये पूरे बंगाल में फैले हुए हैं. इन्हें घोष, बोस, गुहा, दत्ता जैसे उपनामों से जाना जाता है. बंगाल में भी कायस्थ समाज सबसे संपन्न और प्रभावशाली समुदाय है. इनकी आबादी का प्रतिशत देखें तो बंगाल में कुल हिंदू आबादी का लगभग 15 प्रतिशत आबादी कायस्थों की है. इनका कोलकाता, हुगली, नॉर्थ 24 परगना और हावड़ा जैसे शहरों में अच्छी खासी आबादी है.

चार जिलों में बीजेपी का सियासी चौका

कोलकाता जिले में 11 विधानसभा सीटें हैं. साल 2021 के विधानसभा चुनाव में इन सीटों पर बीजेपी का खाता तक नहीं खुला था. ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने सभी 11 सीटें जीत ली थी. वहीं हुगली की 18 विधानसभा सीटों में से बीजेपी के खाते में सिर्फ 4 सीटें आईं. यहां भी ममता बनर्जी ने बाजी मारते हुए 14 सीटें जीती थी.

बंगाल का उत्तर 24 परगना जिला सूबे का सबसे बड़ा जिला है. यहां 33 विधानसभा सीटें हैं. जिसमें से साल 2021 चुनाव में बीजेपी सिर्फ 5 सीटें जीती थी. तो वहीं  टीएमसी ने 28 सीटों पर जीत दर्ज की थी. हावड़ा की 16 सीटों पर भी बीजेपी का खाता नहीं खुल पाया था. यहां भी ममता बनर्जी विनर रहीं.

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पश्चिम बंगाल में होगा बीजेपी का ‘नबीन’ इम्तेहान

बंगाल में ममता बनर्जी पिछले 15 सालों से सत्ता में हैं. उन्होंने 2011,2016 और 2021 के विधानसभा चुनाव में जबरदस्त जीत दर्ज की थीं. साल 2021 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो टीएमसी ने जहां 207 सीटें जीती थीं, तो वहीं बीजेपी मात्र 77 सीटों पर कब्जा कर पाई थी.

अब बीजेपी ने नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर पश्चिम बंगाल में 15 प्रतिशत वोटों को अपनी तरफ लाने की कोशिश में है. बीजेपी नबीन को आगे कर इमोशनल कार्ड खेलने की कोशिश कर रही है. अब बीजेपी का यह कार्ड कितना फायदा पहुंचाता है, यह देखने वाली बात होगी.

-भारत एक्सप्रेस



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