Congress Organizational Reshuffle: देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस अपने सांगठनिक ढांचे में अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक फेरबदल करने जा रही है. पार्टी के भीतर आंतरिक गुटबाजी को थामने, संगठन में नई ऊर्जा फूंकने और चुनावी राज्यों में नए समीकरण साधने के लिए आलाकमान ने एक बड़ा रणनीतिक ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है. ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के गलियारों से आ रही खबरें इशारा कर रही हैं कि पार्टी अब ‘परफॉर्म या बाहर’ की नीति पर काम करने जा रही है.
सूत्रों के हवाले से आ रही इस खबर ने राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है. मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की लीडरशिप में कांग्रेस अब एक व्यापक बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार है. इस बड़े बदलाव के तहत पार्टी के कई रसूखदार चेहरों और बड़े पदाधिकारियों को अपनी गद्दी गंवानी पड़ सकती है.
क्यों शुरू हुआ कांग्रेस का काउंटडाउन? (Congress One Person One Post Rule)
बदलाव के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं. पहला कारण पार्टी के भीतर लंबे समय से चली आ रही आंतरिक गुटबाजी को समाप्त करना है, ताकि चुनाव वाले राज्यों में पूरी लीडरशिप एकजुट होकर मैदान में उतरे. दूसरा बड़ा कारण ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के सिद्धांत का कड़ाई से पालन कराना है.
दरअसल, पार्टी के कई वरिष्ठ नेता वर्तमान में राज्यों में मंत्री या प्रदेश अध्यक्ष जैसी बड़ी जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं, जिसके कारण वे एआईसीसी (AICC) और प्रभारी के रूप में अपने संबंधित राज्यों को पूरा समय नहीं दे पा रहे हैं. इसी प्रशासनिक गतिरोध को दूर करने के लिए नए चेहरों को आगे लाया जा रहा है.
गाज गिरने वाले दिग्गजों की सूची (Congress Leaders List)
जानकारी के मुताबिक, एआईसीसी के मौजूदा सांगठनिक ढांचे से 4 महासचिवों की छुट्टी होने जा रही है और 6 से 7 राज्यों के प्रदेश प्रभारियों को बदला जा रहा है. इसके अलावा, संगठन को हल्का और फुर्तीला बनाने के लिए वर्तमान 62 राष्ट्रीय सचिवों में से करीब 26 राष्ट्रीय सचिवों को पद से हटाया जाएगा. जिन कद्दावर प्रभारियों की विदाई तय मानी जा रही है, उनके पीछे की वजहें इस प्रकार हैं.
- बीके हरिप्रसाद (हरियाणा प्रभारी): चूंकि बीके हरिप्रसाद अब कर्नाटक कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष बन चुके हैं, इसलिए हरियाणा में उनकी जगह किसी नए और ऊर्जावान चेहरे को प्रभारी नियुक्त किया जाएगा.
- रमेश चेन्निथला (महाराष्ट्र प्रभारी): केरल में कांग्रेस की सरकार आने के बाद रमेश चेन्निथला कैबिनेट मंत्री बन चुके हैं, इसलिए वे अब महाराष्ट्र के सांगठनिक काम को समय नहीं दे पाएंगे.
- सन्नी जोसेफ (केरल प्रदेश अध्यक्ष): केरल के प्रदेश अध्यक्ष सन्नी जोसेफ भी राज्य सरकार में मंत्री बन चुके हैं, जिसके चलते संगठन से उनकी विदाई और नए अध्यक्ष की नियुक्ति तय है.
- गिरीश चोडंकर (तमिलनाडु प्रभारी): तमिलनाडु का प्रभार संभाल रहे गिरीश को हाल ही में गोवा कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, जिसके चलते एआईसीसी प्रभारी के रूप में उनकी छुट्टी होना तय माना जा रहा है.
- सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट और राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को भी बदला जा सकता है.
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राज्यों में बदलेंगे प्रदेश अध्यक्ष बदलेंगे (State Congress President Will Change)
संगठन में बदलाव की यह आंच सिर्फ दिल्ली दरबार तक सीमित नहीं है, बल्कि 3 से 4 बड़े राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष भी बदले जा रहे हैं. सूत्रों की मानें तो दिल्ली, राजस्थान, तमिलनाडु, पंजाब और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा कर सकती है. विशेष रूप से पंजाब और उत्तर प्रदेश में अगले साल (2027) विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनावी राज्यों में सामाजिक समीकरणों को दुरुस्त करने, कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने और गुटबाजी पर लगाम लगाने के लिए आलाकमान यहां बिल्कुल नए और आक्रामक चेहरों को कमान सौंपने की तैयारी कर रहा है.
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