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दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘लापता व्यक्तियों’ के बारे में पुलिस के साथ जानकारी साझा करने में देरी को रोकने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्मों से मांगा SOP

दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ ने पाया कि लापता व्यक्तियों का पता लगाने के प्रयासों के दौरान पुलिस द्वारा सूचना मांगने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ऐसी सूचना प्राप्त करने के बीच अक्सर समय अंतराल होता है.

(प्रतीकात्मक चित्र: Pixabay)

Prashant Rai Edited by Prashant Rai

मेटा और गूगल सहित सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को कानून प्रवर्तन एजेंसियों से सूचना के अनुरोधों से निपटने के लिए अपनी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP- Standard Operating Procedure) का विवरण प्रस्तुत करने का दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है. कोर्ट 8 अक्टूबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और अमित शर्मा की खंडपीठ ने पाया कि लापता व्यक्तियों का पता लगाने के प्रयासों के दौरान पुलिस द्वारा सूचना मांगने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ऐसी सूचना प्राप्त करने के बीच अक्सर समय अंतराल होता है.

पीठ ने कहा यह सुनिश्चित करने के लिए कि इस तरह की देरी और अंतराल गुमशुदा व्यक्तियों, जो कभी-कभी बच्चे और नाबालिग भी होते हैं, का पता लगाने की प्रक्रिया में बाधा न बने, यह आवश्यक है कि संबंधित ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म और उनके संबंधित अधिकारियों द्वारा उचित समयसीमा का पालन किया जाना चाहिए. यह भी आवश्यक है कि जांच अधिकारियों को भी इस बात की उचित जानकारी हो कि अनुरोध किस तरह पोस्ट किए जाने चाहिए, पोर्टल की निगरानी कैसे की जानी चाहिए और प्राप्त होने के तुरंत बाद उन्हें इन प्लेटफ़ॉर्म से कैसे डाउनलोड किया जाना चाहिए.

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इसके परिणामस्वरूप, न्यायालय ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म – गूगल, मेटा, व्हाट्सएप, टेलीग्राम, लिंक्डइन, ट्विटर और रेडिट को कानून प्रवर्तन एजेंसियों से सूचना के अनुरोधों से निपटने के लिए अपने मानक संचालन प्रोटोकॉल को रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया, जिसमें ऐसी जानकारी प्रदान करने की समयसीमा भी शामिल है. दिल्ली पुलिस को एक बैठक आयोजित करने और न्यायालय के समक्ष किसी भी चुनौती पर एक नोट रखने का भी निर्देश दिया गया जिसका वे सामना कर रहे हैं और पुलिस अधिकारियों के लिए किसी भी प्रशिक्षण की आवश्यकता हो सकती है.

न्यायालय ने एक लापता लड़के के माता-पिता द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए इन मुद्दों पर ध्यान दिया. दिल्ली पुलिस ने कहा था कि एक सूचना मिलने पर उसने लापता लड़के के इंस्टाग्राम अकाउंट, फोन नंबर, स्थान/आईपी पते और इस्तेमाल किए जा रहे डिवाइस के आईएमईआई के बारे में जानकारी देने के लिए मेटा को लिखा था. हालांकि, मेटा ने जानकारी नहीं दी.

-भारत एक्सप्रेस



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