राजधानी दिल्ली में आने वाले बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को लेकर सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए तीन अलग-अलग विशेष समितियां बनाई गई हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर गठित इन समितियों में मंत्री, विधायक और सामाजिक कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है.
सरकार का कहना है कि इन समितियों का काम केवल आयोजन की निगरानी तक सीमित नहीं रहेगा. पूजा और कार्यक्रम स्थलों पर पानी, बिजली, सफाई, सुरक्षा, चिकित्सा, ट्रैफिक और दूसरी जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी इन्हीं समितियों की होगी.
रामलीला के लिए क्या-क्या इंतजाम होंगे?
रामलीला आयोजनों से जुड़ी समिति की अध्यक्षता समाज कल्याण, एससी/एसटी कल्याण, सहकारिता एवं निर्वाचन मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह करेंगे. विधायक अशोक गोयल, अनिल कुमार शर्मा, श्याम शर्मा, संजय गोयल और संदीप सहरावत समिति के सदस्य होंगे. सचिव, राजस्व-सह-मंडलायुक्त को सदस्य सचिव बनाया गया है.
समिति की सबसे अहम जिम्मेदारियों में रामलीला आयोजकों के लिए जरूरी एनओसी की प्रक्रिया को आसान बनाना शामिल है. इसके लिए जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के जरिए सिंगल विंडो व्यवस्था के तहत मंजूरी दिलाने पर जोर रहेगा.
रामलीला स्थलों पर पीने का पानी, एंबुलेंस, चिकित्सा सहायता, अग्निशमन सेवा, सुरक्षा, मोबाइल शौचालय, सफाई और बिजली की व्यवस्था भी समिति देखेगी. इसके साथ ही ट्रैफिक मैनेजमेंट और फॉगिंग जैसे इंतजामों पर भी नजर रखी जाएगी.
सरकार की योजना रामलीला के मंचों के जरिए पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने, स्वदेशी अपनाने, ‘वोकल फॉर लोकल’, स्वच्छता और नशा मुक्त भारत जैसे संदेश लोगों तक पहुंचाने की भी है.
दुर्गा पूजा में विसर्जन पर भी खास ध्यान
दुर्गा पूजा की तैयारियों के लिए बनाई गई समिति की कमान कानून एवं न्याय, श्रम, रोजगार, विकास, कला-संस्कृति भाषा और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा को दी गई है. विधायक शिखा रॉय और नीरज बसोया के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भट्टाचार्य, देवदत्त भारद्वाज और अरुण मुखर्जी इसमें सदस्य होंगे.
यह समिति पूजा पंडालों और आयोजन स्थलों पर नागरिक सुविधाओं, सुरक्षा और जरूरी एनओसी की व्यवस्था पर नजर रखेगी. खास तौर पर मूर्ति विसर्जन के लिए कृत्रिम और अस्थायी तालाबों की व्यवस्था करना भी इसकी जिम्मेदारी होगी. विसर्जन के बाद बचे अवशेषों की सफाई और उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा.
छठ घाटों की व्यवस्था पर भी रहेगी नजर
छठ पूजा के लिए भी कपिल मिश्रा की अध्यक्षता में अलग समिति बनाई गई है. इसमें विधायक अभय कुमार वर्मा, चंदन कुमार चौधरी, संदीप सहरावत और दीपक चौधरी के साथ सामाजिक कार्यकर्ता संतोष ओझा को सदस्य बनाया गया है. सचिव, राजस्व-सह-मंडलायुक्त इस समिति के सदस्य सचिव होंगे. छठ के दौरान घाटों और पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए पानी, चिकित्सा सुविधा, एंबुलेंस, सुरक्षा, सफाई और बिजली जैसी व्यवस्थाओं की निगरानी समिति करेगी. आयोजकों को जरूरी एनओसी दिलाने में भी सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए मदद की जाएगी.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पूजा दिल्ली के लिए सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि ये शहर की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता को जोड़ने वाले बड़े पर्व हैं. इन आयोजनों से लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है.
मुख्यमंत्री के मुताबिक सरकार की कोशिश है कि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ त्योहार मना सकें. इसके लिए प्रशासन को सभी जरूरी तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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