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राम मंदिर चंदा विवाद पर दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान, बोले- मंदिर निर्माण के लिए दिया था 1.11 लाख रुपये, वापस नहीं दिया तो कोर्ट जाऊंगा

Digvijaya Singh: दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 1 लाख 11 हजार रुपये का दान दिया था, लेकिन अब वह अपना दान वापस चाहते हैं. उन्होंने कहा कि वह इस मामले में अयोध्या की अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे.

Digvijaya Singh

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Digvijaya Singh: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह अपने बेबाक बयानों को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं. भोपाल में महिला कांग्रेस के धरना प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे दिग्विजय सिंह ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला. इस दौरान उन्होंने राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर बड़ा ऐलान किया. दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह राम मंदिर में कथित चंदा चोरी और उज्जैन में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पदयात्रा निकालेंगे. यह पदयात्रा उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जाएगी और पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगी. बताया जा रहा है कि यात्रा की शुरुआत 2 अक्टूबर से हो सकती है.

दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 1 लाख 11 हजार रुपये का दान दिया था, लेकिन अब वह अपना दान वापस चाहते हैं. उन्होंने कहा कि वह इस मामले में अयोध्या की अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे. दिग्विजय सिंह के मुताबिक, उन्होंने जो पैसा भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण के लिए दिया था, उस दान की राशि में कथित तौर पर गड़बड़ी हुई है.

‘मेरा पैसा वापस दो’

कांग्रेस नेता ने कहा कि मैंने राम मंदिर के लिए 1 लाख 11 हजार रुपये दिए थे. अब मैं वह पैसा वापस चाहता हूं. मैं चाहता हूं कि यह राशि वापस मिले, ताकि उसे रामालया ट्रस्ट में जमा कराया जा सके. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पुलिस स्टेशन पर भरोसा नहीं है, क्योंकि उनके अनुसार पुलिस भाजपा के नियंत्रण में है. इसलिए वह थाने जाने के बजाय अदालत जाएंगे.

दिग्विजय सिंह ने बताया कि जब मंदिर निर्माण के लिए चंदा मांगा गया था, तब मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक लाख रुपये दान दिए थे. उन्होंने कहा कि उन्होंने शिवराज सिंह चौहान से ज्यादा राशि देने के लिए 1 लाख 11 हजार रुपये का चंदा दिया. दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर यह अनुरोध भी किया था कि दान की रकम सही तरीके से ट्रस्ट में जमा हो. उन्होंने कहा कि भगवान राम में आस्था और भव्य मंदिर की इच्छा के कारण उन्होंने यह दान दिया था.

चंपत राय पर लगाये गंभीर आरोप

इसके साथ ही दिग्विजय सिंह ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था में कई सवाल खड़े होते हैं. दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट में किसी शंकराचार्य या बड़े संत को प्रमुख भूमिका नहीं दी गई और प्रबंधन की जिम्मेदारी चंपत राय को सौंप दी गई.

दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि मंदिर में रोजाना आने वाले दान में कथित गड़बड़ी हुई है. उनके अनुसार, रोजाना जमा होने वाली राशि का 10 से 20 प्रतिशत हिस्सा कथित रूप से गायब हो जाता था. उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में कुछ कर्मचारी और बैंक से जुड़े लोग भी शामिल हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि यह मामला केवल पैसों का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है.

धर्म के साथ किया गया विश्वासघात

कांग्रेस नेता ने आगे आरोप लगाया कि धर्म और आस्था के नाम पर लोगों से चंदा लिया गया और बाद में उसी पैसे का राजनीतिक इस्तेमाल किया गया. उन्होंने कहा कि गांव-गांव से मंदिर निर्माण के लिए शिलाएं आई थीं, लेकिन उनका क्या हुआ, इसकी जानकारी आज तक स्पष्ट नहीं है.

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दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. राम मंदिर चंदा विवाद पर उनके कोर्ट जाने के ऐलान से कांग्रेस के भीतर भी असहजता बढ़ सकती है, क्योंकि यह मुद्दा धार्मिक आस्था और राजनीति दोनों से जुड़ा हुआ है. वहीं, भाजपा की ओर से इस बयान पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

-भारत एक्सप्रेस



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