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दिल्ली जल बोर्ड में 1900 करोड़ का घोटाला? ईडी की रडार पर आम आदमी पार्टी, सत्येंद्र जैन से पूछताछ शुरू

दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े 1943 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने सत्येंद्र जैन से पूछताछ शुरू की है. टेंडर प्रक्रिया में घोटाले और सब-कॉन्ट्रैक्टिंग में अनियमितता की जांच जारी है.

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DJB Scam: दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन से पूछताछ शुरू की है.

जैन सुबह करीब 11:15 बजे ईडी कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) परियोजनाओं में हुए करोड़ों के कथित घोटाले को लेकर सवाल-जवाब किए जा रहे हैं.

यह मामला 1943 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि जल शोधन संयंत्रों को अपग्रेड करने की आड़ में भारी वित्तीय अनियमितताएं की गईं.

जांच एजेंसियों का दावा है कि टेंडर की प्रक्रिया को इस तरह से डिजाइन किया गया कि कुछ चुनिंदा कंपनियां ही पात्र बन सकें.

अक्टूबर 2022 में जारी चार टेंडरों में केवल तीन जॉइंट वेंचर कंपनियों ने हिस्सा लिया और आरोप है कि आपसी ‘समझदारी’ के तहत प्रोजेक्ट्स को आपस में बांट लिया गया.

प्रारंभ में इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत 1546 करोड़ रुपये रखी गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 1943 करोड़ रुपये कर दिया गया.

जांच में यह भी सामने आया है कि इन सभी कंपनियों ने एक ही ताइवान प्रोजेक्ट का अनुभव प्रमाण पत्र पेश किया, जिसकी वैधता की ईमानदारी से जांच नहीं की गई.

बाद में इन सभी कंपनियों ने काम हैदराबाद स्थित Euroteck Environment Pvt. Ltd. को सब-कॉन्ट्रैक्ट के रूप में दे दिया.

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सजा काट चुके है सत्येंद्र जैन

ईडी ने इस सिलसिले में पिछले वर्ष जुलाई में दिल्ली, अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद समेत चार शहरों में छापेमारी की थी.

इन छापों में एजेंसी के हाथ 41 लाख रुपये नकद, कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सबूत लगे थे, जिनके आधार पर अब सत्येंद्र जैन से पूछताछ की जा रही है.

गौरतलब है कि सत्येंद्र जैन पहले भी मनी लॉन्ड्रिंग के एक अन्य मामले में जेल की सजा काट चुके हैं. 2017 में उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी.

2022 में उन्हें प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था और बाद में स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उन्हें जमानत मिली.

अब सवाल यह है कि क्या दिल्ली जल बोर्ड घोटाले की परतें खुलने के बाद आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं पर शिकंजा और कसने वाला है? या यह भी राजनीतिक प्रतिशोध का ही हिस्सा है.


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-भारत एक्सप्रेस



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