Enforcement Directorate
Legal News: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 17 जून 2025 को पश्चिम बंगाल और नई दिल्ली में 7 अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया.
यह कार्रवाई उन शिकायतों के बाद की गई, जिनमें कहा गया था कि भोले-भाले निवेशकों को अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश के लिए गुमराह किया गया, और उनका पैसा धोखाधड़ी के जरिए हड़प लिया गया.
फर्जी निवेश स्कीमों से लोगों को बनाया गया शिकार
ईडी के अनुसार, यह पूरा घोटाला फर्जी निवेश योजनाओं और स्कीमों के माध्यम से लोगों से मोटी रकम ऐंठने से जुड़ा है. जांच में पाया गया कि आरोपियों ने निवेश पर उच्च रिटर्न का झूठा वादा किया और बड़ी संख्या में लोगों से पैसे इकट्ठा किए. इस रकम को बाद में विभिन्न माध्यमों से घुमाया गया, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग के साक्ष्य सामने आए हैं.
तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने 12 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की अचल संपत्तियों से जुड़े कई अपराध-संकेतक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, महत्वपूर्ण कागजात, और 4.5 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं. साथ ही, 203 बैंक खातों को फ्रीज किया गया है, जिनमें से 147 खातों में लगभग 4.5 करोड़ रुपये की शेष राशि का अब तक पता लगाया जा चुका है.
ईडी की यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि देशभर में चल रही ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के जाल को तोड़ने के लिए एजेंसी सक्रिय रूप से काम कर रही है. जांच अब भी जारी है और एजेंसी आने वाले दिनों में और भी लोगों से पूछताछ और कुर्की की कार्रवाई कर सकती है.
इस पूरे मामले ने एक बार फिर ऑनलाइन निवेश योजनाओं की पारदर्शिता और निवेशकों की जागरूकता की जरूरत को उजागर किया है. ED ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी स्कीम में निवेश करने से पहले उसके स्रोत, रजिस्ट्रेशन और वैधता की अच्छी तरह जांच जरूर करें.
ये भी पढ़ें: CLAT PG काउंसिलिंग में 50 हजार से अधिक फीस वसूली पर हाईकोर्ट में याचिका, जल्द सुनवाई की मांग
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



