नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने पत्रकारों से बात करते हुए पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत सरकार को समर्थन देने की बात दोहराई. उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान दुश्मनी चाहता है तो हम तैयार हैं.
Farooq Abdullah बोले- पीएम मोदी जो करना चाहें, वो करें
फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “हम लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूरा समर्थन देने की बात कही है, इसके बाद हमारे साथ कोई सवाल नहीं होना चाहिए. पीएम मोदी जो करना चाहें, वो करें.”
Farooq Abdullah की पाक को खरी-खरी
पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की तरफ से न्यूक्लियर हमले की धमकी देने के सवाल पर फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने कहा, “हमारे पास भी न्यूक्लियर पावर है, उनसे पहले है. मुझे वाजपेयी जी का याद आता है, जब मैं पोखरण उनके साथ गया था, तो उन्होंने कहा था कि हम कभी भी इसका इस्तेमाल नहीं करेंगे. जब तक कोई और हम पर पहला हमला नहीं करेगा. हिंदुस्तान ने कभी भी पहले आक्रमण नहीं किया है. हमेशा वहीं से हुआ है और हमने उसका जवाब दिया है. आज भी हम इसका इस्तेमाल नहीं करेंगे, लेकिन अगर वे इसका इस्तेमाल करते हैं, तो हमारे पास भी यह है. भगवान करे कि ऐसी बात न आए.”
#WATCH जम्मू, जम्मू-कश्मीर: रक्षा मंत्री, एनएसए, सीडीएस और तीनों सेना प्रमुखों के साथ पीएम मोदी की बैठक पर जेकेएनसी प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा, "हमने प्रधानमंत्री को अपना पूरा समर्थन दिया है…प्रधानमंत्री को जो भी करना है, वह करें।"
पाकिस्तान की कथित परमाणु ऊर्जा धमकी पर… pic.twitter.com/VaX6JRU11S
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 29, 2025
कांग्रेस के पोस्ट पर क्या बोले?
देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस की तरफ से सोशल मीडिया पर पोस्ट करके पीएम मोदी को गायब होने की बात कहने पर Farooq Abdullah ने कहा, “वो कहां गायब हैं? मुझे लगता है वो दिल्ली में हैं और अगर कहीं और होंगे तो उसका पता नहीं है.”
यह भी पढ़ें- पहलगाम हमले पर गलत बयानबाजी करने वाले नेताओं पर होगी सख्त कार्रवाई, Congress ने जारी किए निर्देश, दी ये नसीहत
जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद से जूझने के सवाल पर फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने कहा, “हमने बार-बार कहा है कि हमें आतंकवाद कबूल नहीं है. आतंकवाद उन्हें भी खत्म कर रहा है और हमें भी. अब समय आ गया है कि उन्हें इस पर समझना चाहिए. जब मुंबई पर हमला हुआ तो साबित हुआ कि यह पाकिस्तान प्रायोजित था. पठानकोट, उरी में हमला हुआ, जिसके पीछे उनका हाथ था. कारगिल के समय मैं मुख्यमंत्री था, जब वो हारने लगे तो यूएसए प्रेसिडेंट के पास गए और दो दिन का समय मांगा कि वो अपना सामान निकाल सकें. ऐसे में अब वक्त आ गया है कि अगर वो दोस्ती चाहते हैं, तो ऐसी चीजें नहीं चलेंगी. आतंकवाद को खत्म करना पड़ेगा. वहीं अगर दुश्मनी में रहना चाहते हैं तो हम भी तैयार हैं.”
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



