पांच राज्यों में सत्ता का संग्राम किस तारीख से शुरू होगा, इसकी अनिश्चितता पर आज विराम लग गया है. भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव 2026 के लिए विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि बंगाल को छोड़कर बाकी सभी चुनावी राज्यों में मतदान एक ही चरण में संपन्न कराया जाएगा. कुल 824 विधानसभा सीटों पर होने वाले इस महासमर के लिए 25 लाख से ज्यादा चुनाव अधिकारी तैनात किए जाएंगे, जो करीब 2.99 लाख पोलिंग बूथों पर लोकतंत्र के इस पर्व को सफल बनाएंगे.
बंगाल में दो चरणों का खेल, 4 मई को आएंगे नतीजे
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार चरणों को लेकर काफी खींचतान देखने को मिली. भाजपा और अन्य विपक्षी दल जहां एक ही चरण में चुनाव कराने की मांग कर रहे थे, वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की इच्छा कम से कम दो चरणों की थी. अंततः आयोग ने बीच का रास्ता निकालते हुए बंगाल में दो चरणों (23 अप्रैल और 29 अप्रैल) में मतदान कराने का फैसला लिया है. अकेले बंगाल में ही 6.44 करोड़ वोटर सत्ता का फैसला करेंगे. अच्छी बात यह है कि सभी पांचों राज्यों के चुनावी नतीजे एक साथ 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे.
असम समेत दक्षिण के राज्यों का चुनावी शेड्यूल
बता दें कि दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों में चुनावी गहमागहमी एक ही दिन में सिमट जाएगी. केरल, असम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होगा. असम की जंग इस बार सबसे ज्यादा दिलचस्प मानी जा रही है, क्योंकि कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को दोबारा सत्ता में आने से रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. वहीं दक्षिण में भी द्रविड़ राजनीति और राष्ट्रीय दलों के बीच वर्चस्व की सीधी लड़ाई देखने को मिलेगी.
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ममता का मास्टरस्ट्रोक और अलर्ट मोड पर सरकारें
चुनाव की तारीखों के ऐलान से ठीक एक घंटे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बड़ा दांव खेलते हुए पुजारियों और मुअज्जिनों का मानदेय बढ़ाने का ऐलान कर दिया. इसे आचार संहिता लागू होने से पहले का आखिरी बड़ा फैसला माना जा रहा है. केवल बंगाल ही नहीं, तमिलनाडु और असम की सरकारें भी अब अलर्ट मोड में आ गई हैं. जैसे ही आयोग ने तारीखें घोषित कीं, इन सभी राज्यों में ‘आदर्श आचार संहिता’ प्रभावी हो गई है, जिससे अब सरकारें कोई भी नया लोकलुभावन फैसला या ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं कर सकेंगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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