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Crime: गैंगस्टर भरत कुलदीप जघीना की गोली मारकर हत्या, बस से पेशी के लिए भरतपुर ला रही थी पुलिस, कार सवार बदमाशों ने टोल प्लाजा पर दिया वारदात को अंजाम

Crime: भाजपा नेता कृपाल सिंह जघीना हत्याकांड के मुख्य आरोपी कुलदीप जघीना को बुधवार दोपहर करीब 12.30 बजे रोडवेज बस से भरतपुर कोर्ट लाते समय बदमाशों ने गोलियों से भून दिया.

कुलदीप जघीना

कुलदीप जघीना

Crime: भाजपा नेता कृपाल सिंह जघीना हत्याकांड के मुख्य आरोपी कुलदीप जघीना को बुधवार दोपहर करीब 12.30 बजे रोडवेज बस से भरतपुर कोर्ट लाते समय बदमाशों ने गोलियों से भून दिया. अस्पताल ले जाते समय ही कुलदीप की मौत हो गई. हत्याकांड को अंजाम देने के बाद कार सवार बदमाश मौके से फरार हो गए. बताया गया कि कृपाल सिंह जघीना हत्याकांड मामले में बुधवार को जयपुर जेल में बंद सात आरोपियों को भरतपुर न्यायालय में पेश होना था. पुलिस वैन की जगह रोडवेज बस से पुलिसकर्मी आरोपियों को ला रहे थे. इससे प्रशासन के रवैये पर भी सवाल उठ रहा है.

अमौली टोल प्लाजा के पास की घटना

घटना अमौली टोल प्लाजा के पास की है. रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि गोलीबारी की घटना में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. सभी घायलों को भरतपुर के आरबीएम अस्पताल ले जाया गया है. कथित तौर पर हथियारबंद हमलावरों ने रोडवेज बस को पहले अमौली टोल प्लाजा के पास रोका जिसमें कुलदीप जघीना और अन्य आरोपी यात्रा कर रहे थे. बस रुकने के बाद बदमाशों ने पुलिसकर्मियों पर मिर्च पाउडर फेंक दिया और जघीना पर अंधाधुंध गोलीबारी की. जब गोलियों की तड़तड़ाहट कम हुई तो पुलिसकर्मी घायलों को लेकर अस्पताल की ओर भागे, जहां डॉक्टरों ने जघीना को मृत घोषित कर दिया. चौंकाने वाले हत्याकांड के बाद अस्पताल को किले में बदल दिया गया है. आसपास 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.

BJP नेता की हत्या मामले में हुई थी गिरफ्तारी

बता दें कि कथित तौर पर पिछले साल 4 सितंबर को गैंगस्टर कुलदीप जघीना ने चार अन्य लोगों के साथ मिलकर बीजेपी नेता कृपाल जघीना की गोली मारकर हत्या कर दी थी. उसे और उसके साथियों को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से पकड़ा गया था. शहर के शीशम तिराहा काली गार्डन के पास स्थित एक प्लॉट को लेकर कुलदीप जघीना ने भाजपा नेता कृपाल सिंह की हत्या कर दी थी. हत्या के बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गईं और 48 घंटे के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. मामले की जांच में पता चला कि भरतपुर शहर के काली बगीची रोड स्थित एक जमीन को लेकर विवाद था. कुलदीप सिंह उस प्लॉट पर कब्जा कर करोड़ों की कीमत वाली जमीन से जुड़े लोगों को बेदखल करना चाहता था.

 

-भारत एक्सप्रेस



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