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Money Laundering से जुड़े मामले में बढ़ीं Godrej Properties की मुश्किलें, ED ने कंपनी और इसके निदेशकों को भेजा समन

इसी साल मई के महीने में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में ORRIS इंफ्रास्ट्रक्चर नाम की कंपनी मामला दर्ज कराया था.

ED

सांकेतिक फोटो.

रियल एस्टेट के दिग्गज कंपनी गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड (Godrej Properties Ltd) के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड नामक कंपनी और उसके निवेशकों से पूछताछ के लिए समन जारी किया है. हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़े मामले में ईडी तरुण चड्ढा से पूछताछ कर चुकी है. तरुण चड्ढा गोदरेज प्रॉपर्टीज के प्रोजेक्ट डायरेक्टर हैं.

इससे पहले गौरव पांडेय नाम के एक अन्य अधिकारी को ईडी समन भेज चुकी है, लेकिन अभी तक वे पूछताछ में शामिल नहीं हुए. उन्हें जल्द ही दूसरा सम्मन मिलने की उम्मीद है. ईडी दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज मामले के आधार पर जांच कर रही है.

मई में दर्ज हुआ था केस

दिल्ली की द्वारका अदालत के निर्देश के बाद यह मामला सबसे पहले 29 मई 2024 को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज किया गया था.

शिकायत मेसर्स ORRIS इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दर्ज की गई थी और बाद में जांच ईडी को सौंप दी गई थी. इस मामले में 1 जनवरी 2016 से 29 मई 2024 के बीच धोखाधड़ी के आरोप शामिल हैं. इसके बाद ईडी ने संभावित मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों का पता लगाने के लिए जांच का विस्तार किया है.

202 करोड़ रुपये की डील

आरोप है कि ORRIS इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी और गोदरेज प्रॉपर्टीज के बीच 202 करोड़ रुपये की डील हुई थी, लेकिन डील के बावजूद गोदरेज प्रॉपर्टीज द्वारा पूरा पैसा नहीं दिया गया, जिसके बाद यह मामला कोर्ट पहुचा और कोर्ट के आदेश के बाद आर्थिक अपराध शाखा ने गोदरेज प्रॉपर्टीज के खिलाफ मामला दर्ज किया था.

बता दें कि रियल एस्टेट कंपनी गोदरेज प्रॉपर्टीज ने मुंबई महानगर क्षेत्र में तीन भूखंडों के अधिग्रहण की बोली को हासिल कर लिया है. कंपनी इन भूखंडों पर 3500 करोड़ रुपये की राजस्व क्षमता वाली एक आवासीय परियोजना विकसित करेगी. कंपनी के मुताबिक, 6.54 एकड़ में फैले इन भूखंडों में करीब 20 लाख वर्ग फुट की विकास क्षमता होगी. इसकी अनुमानित संयुक्त राजस्व क्षमता करीब 3500 करोड़ रुपये है. हालांकि कंपनी ने इन तीनों भूखंडों के सौदे का खुलासा नहीं किया है.

-भारत एक्सप्रेस



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