हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसे सुनकर किसी भी संवेदनशील इंसान का कलेजा कांप जाए. एक चार साल की मासूम बच्ची, जिसे शायद अभी सही और गलत का फर्क भी नहीं पता, उसे सिर्फ इसलिए बेरहमी से प्रताड़ित किया गया क्योंकि उसने पड़ोसी के पेड़ से एक अमरूद तोड़ लिया था. आरोपी कोई आम आदमी नहीं बल्कि देश की सेवा कर चुका एक पूर्व फौजी बताया जा रहा है, जिसने अपनी इंसानियत को ताक पर रखकर उस नन्ही सी जान के हाथ-पांव रस्सी से बांधे और उसे बेरहमी से पीटा.
“अंकल मुझे बचा लो”: बच्ची की चीखे सुन पहुंचे लोग
ये पूरी घटना तब उजागर हुई जब सोशल मीडिया पर एक रूह कंपा देने वाला वीडियो वायरल हुआ. वीडियो में देखा जा सकता है कि बच्ची के हाथ और पैर रस्सी से जकड़े हुए हैं और वह डर के मारे कांप रही है. वह रोते हुए बार-बार एक ही गुहार लगा रही थी कि “अंकल, प्लीज मुझे बचा लो.” बच्ची की ये चीखें सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए. जब लोगों ने घर के अंदर का नजारा देखा तो वे दंग रह गए. मासूम बच्ची को एक अपराधी की तरह बांधकर रखा गया था. ग्रामीणों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और बच्ची को उस हैवान के चंगुल से छुड़ाया.
वहां मौजूद कुछ लोगों ने इस पूरी रेस्क्यू प्रक्रिया का वीडियो बना लिया, जो देखते ही देखते इंटरनेट पर आग की तरह फैल गया. लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि एक अमरूद जैसी छोटी सी चीज के लिए कोई इतना निर्दयी कैसे हो सकता है. वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस भी तुरंत हरकत में आ गई.
POCSO और JJ एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
घटना की गंभीरता को देखते हुए ऊना पुलिस की टीमें तुरंत गांव पहुंचीं. पुलिस ने बताया कि उन्हें इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 के जरिए भी इस घटना की शिकायत मिली थी. रविवार को पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और सबसे पहले बच्ची को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा. पुलिस के अनुसार, बच्ची काफी डरी हुई है और उसे मानसिक और शारीरिक चोटें आई हैं.
शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने आरोपी पूर्व फौजी को हिरासत में ले लिया है. उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और जुवेनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून को हाथ में लेने और एक मासूम के साथ इस तरह की दरिंदगी करने वाले को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस अन्य गवाहों के बयान दर्ज कर रही है.
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-भारत एक्सपेस
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