2026 By Elections dates India: भारत निर्वाचन आयोग ने आज देश के चुनावी कैलेंडर को लेकर एक बहुत बड़ी घोषणा की है. विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के साथ-साथ कर्नाटक, महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात, नागालैंड और त्रिपुरा सहित छह राज्यों में होने वाले महत्वपूर्ण उपचुनावों (By-polls) के कार्यक्रम का भी खुलासा कर दिया गया है. आयोग के मुताबिक, इन छह राज्यों की रिक्त सीटों पर दो चरणों में मतदान कराया जाएगा. यह चुनाव उन क्षेत्रों के लिए काफी अहम हैं जहाँ स्थानीय समीकरणों और राजनीतिक साख की परीक्षा होनी है.
9 और 23 अप्रैल को दो चरणों में होगी वोटिंग
चुनाव आयोग द्वारा जारी विस्तृत कार्यक्रम के अनुसार, उपचुनावों का पहला चरण 9 अप्रैल 2026 को आयोजित होगा. इस दिन गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा की संबंधित विधानसभा सीटों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. इसके ठीक बाद दूसरे चरण में 23 अप्रैल 2026 को गुजरात और महाराष्ट्र की खाली सीटों पर उपचुनाव कराए जाएंगे. प्रशासन ने इन राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था और चुनावी तैयारियों को लेकर कमर कस ली है, ताकि उपचुनावों के दौरान भी मुख्य चुनावों जैसी ही पारदर्शिता और शुचिता बनी रहे.
4 मई का दिन क्यों है सबसे खास?
तारीखों के इस ऐलान में सबसे दिलचस्प बात मतगणना की तिथि है. आयोग ने तय किया है कि इन सभी छह राज्यों के उपचुनावों के नतीजे 4 मई 2026 को ही घोषित किए जाएंगे. यह वही दिन है जब पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों के परिणाम भी आने हैं. एक साथ होने वाली इस मतगणना का बड़ा मनोवैज्ञानिक असर पड़ सकता है, क्योंकि एक ही दिन देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले रुझान राष्ट्रीय राजनीति की अगली दिशा तय करेंगे. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उपचुनावों और मुख्य चुनावों की एक साथ काउंटिंग से चुनावी रणनीतियों और क्षेत्रीय दलों के उत्साह पर गहरा प्रभाव पड़ेगा.
क्षेत्रीय राजनीति पर उपचुनावों का असर
महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में होने वाले ये उपचुनाव सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए अपनी पकड़ साबित करने का एक बड़ा मौका हैं. वहीं दक्षिण में कर्नाटक और पूर्वोत्तर के राज्यों (नागालैंड, त्रिपुरा) में भी इन उपचुनावों के जरिए राजनीतिक पार्टियां अपनी ताकत का अंदाजा लगा सकेंगी. निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि उपचुनाव वाले क्षेत्रों में भी ‘आदर्श आचार संहिता’ तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है. आयोग के इस फैसले के बाद अब सभी राजनीतिक दलों ने इन सीटों पर उम्मीदवारों के चयन और प्रचार की रणनीति बनाना शुरू कर दिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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