India-Russia Defence Ties: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के बाद भारत-रूस के रक्षा संबंधों में बड़ा बदलाव आने वाला है. अब तक भारत ज्यादातर रूस से हथियार खरीदता था, लेकिन अब दोनों देश मिलकर नई तकनीक विकसित करेंगे, हथियार बनाएंगे और साथ में उत्पादन करेंगे.
मेक इन इंडिया को मिलेगा बल
दोनों नेताओं के संयुक्त बयान में कहा गया है कि रूस अब भारत में स्पेयर पार्ट्स, कंपोनेंट और रखरखाव के सामान बनाने में मदद करेगा. तकनीक का हस्तांतरण होगा ताकि भारत खुद रूसी हथियारों की मरम्मत और नए हथियार बना सके. ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम को इसी से मजबूती मिलेगी. दोनों देश भारत में संयुक्त कंपनियां बनाएंगे जो भारतीय सेना की जरूरत पूरी करेंगी और बाद में दोस्त देशों को भी हथियार बेच सकेंगी.
रूस से नई खरीद पर भी चर्चा
इस बार कोई नया बड़ा सौदा नहीं हुआ, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके रूसी समकक्ष आंद्रेई बेलौसोव ने कई अहम खरीद पर बात की. इनमें 5 और S-400 स्क्वाड्रन, मौजूदा S-400 के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की मिसाइलें, पैंटसिर और वेर्बा छोटी दूरी की मिसाइलें तथा 200 किमी से ज्यादा मार करने वाली R-37 और RVV-BD हवाई मिसाइलें शामिल हैं.
ब्रह्मोस का नया हल्का वैरियंट
ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के हल्के और आधुनिक संस्करण (ब्रह्मोस-NG) का भारत में ही संयुक्त उत्पादन होगा. यह इतना हल्का होगा कि सुखोई-30 के अलावा हल्के लड़ाकू विमान भी इसे ले जा सकेंगे.
आतंक के खिलाफ कठोर कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, दोनों नेताओं ने हर तरह के आतंकवाद की कड़ी निंदा की और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित सभी आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने का वादा किया.
ये भी पढ़ें- जितिन प्रसाद ने राज्यसभा में बताया सफलता का मंत्र, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग ₹11.32 लाख करोड़ तक पहुंची
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
