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Inspirational Woman: डॉ. मनीषा सिंह बेसहारा और ड्रॉप-आउट बच्चियों को दिला रहीं शिक्षा, ‘गुड टच-बेड टच’ का ज्ञान

Women’s Story: जयपुर में डॉ. मनीषा सिंह ने महिला सशक्तिकरण, वंचित बालिकाओं की शिक्षा, और कला-संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी अहम कार्य किए हैं.

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डॉ. मनीषा सिंह पिछले 15 वर्षों से समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय हैं.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

सपना शर्मा


International Women’s Day: डॉ. मनीषा सिंह एक प्रसिद्ध सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यकर्ता हैं, जो पिछले 15 वर्षों से समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं. उनका मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग, विशेषकर महिलाओं और बालिकाओं के उत्थान के लिए कार्य करना है. उन्होंने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, स्कूली बच्चों को ‘गुड टच-बेड टच’ और ‘वर्चुअल टच’ के बारे में जागरूक करने, और युवाओं को कला-संस्कृति से जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को अंजाम दिया है.वे कहती हैं विकास और परिवर्तन आवश्यक हैं, लेकिन अपनी जड़ों से जुड़े रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है.

ड्रॉप आउट बच्चियों को स्कूल से जोड़ने की पहल

डॉ. मनीषा सिंह ने ड्रॉप आउट बच्चियों को स्कूल से जोड़ने के लिए कई पहल की हैं. इसके साथ ही, स्कूलों में बच्चियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग, बालिका स्वास्थ्य के लिए मेडिकल कैंप, और ‘गुड टच-बेड टच’ के साथ बच्चों को वर्चुअल टच के बारे में जागरूक करने का कार्य किया है.

नशे के विरुद्ध लगाए जागरुकता कैंप

उन्होंने स्कूल-कॉलेज परिसरों में नशे के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूकता कैंप भी आयोजित किए. कच्ची बस्तियों में महिलाओं और बालिकाओं को हाइजीन के प्रति जागरूक करने के लिए सेनेटरी पैड वितरण की पहल की है. महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई, कढ़ाई, बुनाई जैसी कई प्रकार की ट्रेनिंग दी जाती है.

युवाओं को कला-संस्कृति से जोड़ने में भी सक्रिय

युवाओं को कला और संस्कृति से जोड़ने के लिए गणगौर उत्सव, तीज उत्सव, घूमर उत्सव, और राजस्थानी संस्कृति की झाकियाँ ‘गैलोर’ जैसी सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं. इन कार्यक्रमों के माध्यम से डॉ. मनीषा ने न केवल भारतीय संस्कृति को बढ़ावा दिया है, बल्कि विदेशों में भी जैसे शिकागो, अमेरिका में आयोजित अमृत महोत्सव में हमारी सांस्कृतिक विरासत, विशेष रूप से ‘घूमर’ नृत्य, को प्रस्तुत कर एक विशेष पहचान बनाई है.

पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण अभियान चलाया

पर्यावरण संरक्षण के लिए भी डॉ. मनीषा ने पौधारोपण अभियान चलाए हैं, जिसके तहत 20,000 से अधिक पौधे लगाए गए हैं.

इन सभी कार्यों के लिए डॉ. मनीषा सिंह को कई पुरस्कार प्राप्त हुए हैं, जिनमें राज्य स्तरीय सम्मान, वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स लंदन द्वारा सर्टिफिकेट, आई.आई.एस. द्वारा सर्टिफिकेट, राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा सराहना और शुभकामना संदेश सहित कई अन्य पुरस्कार शामिल हैं.

महिला दिवस के अवसर पर उन्‍होंने कहा –


मैं सबको महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई देती हूँ. और सभी महिलाओं व बच्चियों को यही कहना चाहूँगी कि-
हौसलों की उड़ान रखो,
नई राहों की पहचान रखो,
तुम ही हो रोशनी इस दुनिया की,
अपने सपनों में जान रखो.

डॉ. मनीषा सिंह का जीवन समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और महिलाओं, बच्चों, और पर्यावरण के प्रति उनकी संवेदनशीलता का प्रतीक है. उनकी ये संघर्षशीलता और प्रेरणा हमें यह सिखाती है कि सही दिशा में प्रयास करने से समाज में परिवर्तन लाया जा सकता है, और हर महिला अपनी शक्ति को पहचान कर समाज में एक सकारात्मक बदलाव ला सकती है.

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