भारत और जापान के रिश्तों को नई मजबूती देने के उद्देश्य से जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची इन दिनों तीन दिवसीय भारत दौरे पर हैं. इस यात्रा में जहां दोनों देशों के बीच निवेश, व्यापार और औद्योगिक सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, वहीं कुछ ऐसे पल भी सामने आए जिन्होंने इस आधिकारिक दौरे को बेहद खास और यादगार बना दिया. इन्हीं में से एक पल था जब ताकाइची ने भारतीय पारंपरिक वाद्ययंत्र संतूर बजाने की कोशिश की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुस्कुराते हुए तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया.
सांस्कृतिक कार्यक्रम में दिखी आत्मीयता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से आयोजित दोपहर के भोज के दौरान भारतीय संस्कृति की झलक पेश करने के लिए पारंपरिक संगीत का विशेष कार्यक्रम रखा गया था. देश के कलाकारों ने विभिन्न वाद्ययंत्रों की मनमोहक प्रस्तुति देकर मेहमानों का स्वागत किया. कार्यक्रम खत्म होने के बाद साने ताकाइची ने सभी कलाकारों का धन्यवाद किया.
इसी दौरान एक कलाकार ने उन्हें संतूर बजाने का निमंत्रण दिया. ताकाइची ने बिना किसी झिझक के यह निमंत्रण स्वीकार कर लिया और संतूर पर हाथ आजमाने लगीं. यह दृश्य वहां मौजूद सभी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया. प्रधानमंत्री मोदी भी इस पल का आनंद लेते हुए नजर आए और उन्होंने तालियां बजाकर जापानी प्रधानमंत्री का हौसला बढ़ाया. माहौल पूरी तरह आत्मीय और दोस्ताना दिखाई दिया.
सोशल मीडिया पर साझा हुई कहानी
इस पूरे घटनाक्रम को जापान के कैबिनेट जनसंपर्क अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया. उन्होंने एक तस्वीर के साथ इस खूबसूरत पल का जिक्र किया, जिसे लोगों ने भी काफी पसंद किया. यह तस्वीर दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकियों और सांस्कृतिक जुड़ाव की प्रतीक बन गई.
आर्थिक सहयोग को मिलेगी नई रफ्तार
दौरे के दौरान भारत और जापान ने आर्थिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर भी सहमति जताई. भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि जापानी कंपनियों को भारत में कारोबार से जुड़ी समस्याओं का तेजी से समाधान उपलब्ध कराने के लिए ‘जापान बिजनेस वीक’ शुरू किया जाएगा.
इस पहल के तहत प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी सीधे जापानी निवेशकों से संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने की कोशिश करेंगे. सरकार का मानना है कि इससे जापानी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और दोनों देशों के कारोबारी संबंध और मजबूत होंगे.
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया भर में बिकने वाली सुजुकी की लगभग दो-तिहाई कारें भारत में बनती हैं और यहां से 100 से अधिक देशों में निर्यात की जाती हैं. उन्होंने यह भी बताया कि जापान के सहयोग से देश में करीब 1000 उर्वरक कारखाने स्थापित किए जाएंगे, जिससे कृषि क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है.
दोनों देशों ने अगले दस वर्षों में भारत में 10 ट्रिलियन येन के जापानी निवेश का महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी तय किया है. इसके अलावा हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुजुकी के चौथे वाहन निर्माण संयंत्र का उद्घाटन भी प्रधानमंत्री मोदी और साने ताकाइची ने संयुक्त रूप से किया. इसे भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
‘छोटी बहन’ वाले संबोधन ने छू लिया दिल
इस दौरे का सबसे भावनात्मक पहलू तब सामने आया जब द्विपक्षीय वार्ता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साने ताकाइची को अपनी “छोटी बहन” कहकर संबोधित किया. बाद में ताकाइची ने भी इस रिश्ते का जिक्र करते हुए कहा कि औपचारिक बैठक से पहले हुई छोटी मुलाकात में ही दोनों ने तय कर लिया था कि वे इस संबंध को भाई-बहन की तरह आगे बढ़ाएंगे.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन उनके लिए बेहद भावुक करने वाला था. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत और जापान का एक-दूसरे के साथ मजबूती से खड़ा रहना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है.
भारत एक्सप्रेस
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