Ranchi Student Protest update: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और आंदोलनकारियों के खिलाफ पुलिस की कथित बर्बरता को लेकर केंद्र सरकार को घेरने वाली पार्टियां, अब अपने ही राज्य में वैसे ही दांव-पेच अपनाती दिख रही हैं. झारखंड में JSSC और JPSC परीक्षाओं की धांधली के खिलाफ पिछले 16 दिनों से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने आज झारखंड विधानसभा घेराव का ऐलान किया है.
लेकिन इस प्रदर्शन (JSSC JPSC Protest) को दबाने और छात्रों को रोकने के लिए रांची पुलिस ने जो अभेद्य किलेबंदी की है, उसे देखकर लोग पूछ रहे हैं कि दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाने वाले ‘ज्ञानवीर’ अब कहां गायब हैं?
नुकीले-कंटीले तारों की बैरिकेडिंग(Jharkhand Student JPSC Protest)
झारखंड की JMM-कांग्रेस सरकार के इशारे पर राजधानी रांची को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया है. विधानसभा की तरफ जाने वाले तमाम रास्तों पर 12 से ज्यादा जगहों पर नुकीले स्टील और कंटीले तारों की भारी बैरिकेडिंग की गई है.
जानकारों का कहना है कि ये कंटीले तार इतने खतरनाक हैं कि अगर कोई छात्र इन्हें पार करने की कोशिश करे तो वह गंभीर रूप से घायल हो सकता है. यह नजारा ठीक वैसा ही है जैसा कुछ समय पहले दिल्ली पुलिस की बैरिकेडिंग पर देखा गया था.
कंटीली तारों से भरा यह कोई इंटरनेशनल बॉर्डर नहीं, बल्कि रांची का नजारा है, जहाँ #JPSC एवं #JSSC के मुद्दे पर विरोध कर रहे छात्रों के आंदोलन को रोकने के लिए बैरिकेड्स के ऊपर कंटीली तारें लगाई गई हैं। यह तानाशाही नहीं, तो क्या है?
यह सरकार अपना हक माँग रहे युवाओं के जान की दुश्मन… pic.twitter.com/mruKpl4VGp
— Champai Soren (@ChampaiSoren) August 9, 2026
दिल्ली पुलिस को ‘बर्बर’ बताने वाले अब क्यों मौन?
सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि जब-जब गैर-भाजपा शासित राज्यों के नेता दिल्ली पुलिस पर छात्रों पर अत्याचार का आरोप लगाते थे, तब वे खुद को लोकतंत्र का रक्षक बताते थे. लेकिन आज जब वही गैर-भाजपा JMM-कांग्रेस सरकार अपने राज्य के छात्रों पर कंटीले तारों की बैरिकेडिंग तान रही है, तो उनके ‘मानवाधिकार’ और ‘छात्र प्रेम’ के बड़े-बड़े दावे हवा हो गए हैं. छात्र संगठनों का कहना है कि सरकार संवाद से भागकर पुलिस के डंडे और लोहे के कांटों के पीछे छुप रही है.
रविवार की वार्ता रही पूरी तरह बेनतीजा
रविवार को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे छात्रों और सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच स्टेट गेस्ट हाउस में कई दौर की बातचीत हुई. लेकिन CGL परीक्षा को रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मुख्य मांग पर सरकार टस-से-मस नहीं हुई. वार्ता विफल होते ही छात्र नेताओं ने साफ कर दिया कि जब तक धांधली की निष्पक्ष जांच नहीं होगी, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा और आज वे हर हाल में शांतिपूर्ण विधानसभा घेराव करेंगे.
-भारत एक्सप्रेस
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