कामेश्वर चौपाल का निधन.
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी और राम मंदिर शिलान्यास के दौरान पहली ईंट रखने वाले कामेश्वर चौपाल का आज (7 फरवरी) निधन हो गया. कामेश्वर चौपाल पिछले काफी समय से बीमार थे और उनका इलाज दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में चल रहा था.
नींव की पहली ईंट रखी थी
कामेश्वर चौपाल ने 9 नवंबर 1989 को अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के लिए पहली ‘राम शिला’ (ईंट) रखी थी. उस समय वह विश्व हिंदू परिषद (VHP) के स्वयंसेवक थे और बिहार के सुपौल जिले से थे. राम मंदिर आंदोलन में उनकी अहम भूमिका थी, जिसके कारण उन्हें यह महत्वपूर्ण कार्य सौंपा गया.
भाजपा के वरिष्ठ नेता और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। वे एक अनन्य रामभक्त थे, जिन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में बहुमूल्य योगदान दिया। दलित पृष्ठभूमि से आने वाले कामेश्वर जी समाज के वंचित समुदायों के… pic.twitter.com/pmqXNvvqfr
— Narendra Modi (@narendramodi) February 7, 2025
1989 में जब राम मंदिर के लिए पहली ‘राम शिला’ रखी गई, तब कामेश्वर चौपाल ने पूरी श्रद्धा और समर्पण से इसे अयोध्या पहुंचाया. 1991 में उन्होंने बीजेपी का सदस्य बनने के लिए VHP छोड़ दिया था. हालांकि, उनका चुनावी सफर उतना सफल नहीं रहा, क्योंकि उन्होंने दो बार 2014 में चुनाव हारने के बाद भी राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्य किया था, जहां उन्होंने 2002 से 2014 तक कार्य किया.
विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के सदस्य एवं 9 नवम्बर 1989 को आयोजित ऐतिहासिक शिलान्यास समारोह में पूज्य संत गण की उपस्थिति में श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण की प्रथम शिला रखने वाले परम राम भक्त श्री कामेश्वर चौपाल जी का निधन…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 7, 2025
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कामेश्वर चौपाल ने 1982 में VHP में सदस्य के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी. 1989 में उन्हें गया में राज्य प्रभारी बनाया गया, जहां से वह राम मंदिर के लिए ‘राम शिला’ अयोध्या तक ले गए थे. इस आंदोलन के तहत हर गांव ने राम मंदिर निर्माण के लिए ईंट और 1 रुपये 25 पैसे की दक्षिणा दी थी.
-भारत एक्सप्रेस
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