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श्रद्धा का मार्ग, सुरक्षा की छांव में कांवड़ यात्रा 2025 के लिए उत्तराखंड पुलिस का संकल्प

Kanwar Yatra 2025 को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने नीलकंठ और हरिद्वार मेला क्षेत्रों में ज़ोनवार सुरक्षा व्यवस्था लागू की है. श्रद्धालुओं से नियमों के पालन की अपील की गई है.

Kanwar Yatra 2025: उत्तराखंड में आज (11 जुलाई) से शुरू हो रही श्रावण मास की कांवड़ यात्रा-2025 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं.

इसी कड़ी में पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड दीपम सेठ ने आज ऋषिकेश से लेकर नीलकंठ महादेव मंदिर तक यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया.

डीजीपी ने तीनों जनपदों– देहरादून, पौड़ी और टिहरी के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और सुरक्षा, यातायात, श्रद्धालु सहायता केंद्रों व ड्यूटी कर्मियों की तैयारियों का भी विस्तार से जायजा लिया.

नीलकंठ महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद डीजीपी ने मंदिर समिति व श्रद्धालुओं से भी सीधा संवाद कर फीडबैक लिया और लक्ष्मण झूला व नीलकंठ में तैनात फोर्स को जरूरी दिशा-निर्देश दिए.

7000 से अधिक जवान तैनात, हर स्तर पर पुख्ता नियंत्रण

पूरे कांवड़ मेला क्षेत्र में 7000 से अधिक पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, जिनमें 3000 पुलिसकर्मी, 1350 होमगार्ड व पीआरडी, 15 कंपनी पीएसी, 9 कंपनी अर्धसैनिक बल, बम डिस्पोजल स्क्वॉड, आतंकवादी निरोधक दस्ता, एसडीआरएफ, ड्रोन टीम और जल पुलिस शामिल हैं.

सुरक्षा की निगरानी के लिए 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन लगाए गए हैं, जिनसे कंट्रोल रूम के माध्यम से 24×7 निगरानी की जा रही है. नीलकंठ मेला क्षेत्र को 1 सुपर जोन, 7 जोन और 23 सेक्टर तथा हरिद्वार मेला क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 37 जोन और 134 सेक्टरों में विभाजित किया गया है.

ASP, CO, इंस्पेक्टर और SHO स्तर के अधिकारियों को प्रभारी नियुक्त किया गया है, ताकि हर स्तर पर बेहतर नियंत्रण और समन्वय सुनिश्चित हो सके. साथ ही सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम, STF और अभिसूचना इकाइयों को भी विशेष रूप से सक्रिय किया गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई हो सके.

डीजे, ऊंची कांवड़ और असामाजिक तत्वों पर सख्त नजर

डीजीपी दीपम सेठ ने स्पष्ट किया कि श्रद्धा की आड़ में हुड़दंग या गड़बड़ी फैलाने की कोशिश करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी.

डीजे की तेज आवाज, मानक से अधिक ऊंची कांवड़ या किसी भी असामाजिक तत्व की गतिविधि पर पुलिस की पैनी नजर है. सीमावर्ती राज्यों के कंट्रोल रूम से भी लगातार रियल टाइम सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो.

डॉ. वी. मुरूगेशन, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने ऋषिकेश और हरिद्वार में फोर्स के साथ संयुक्त ब्रीफिंग कर सुरक्षा के साथ-साथ यातायात प्रबंधन और अनुशासन पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि कांवड़ मेला-2025 हम सभी के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसमें त्वरित निर्णय क्षमता, अनुशासन और परस्पर समन्वय के साथ काम करना होगा.

पुलिस ने श्रद्धालुओं से की अपील

उत्तराखंड पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पुलिस और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि यह धार्मिक यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सके.

पुलिस का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा उनकी प्राथमिकता है और हर चुनौती का सामना सुरक्षा, समन्वय और सतर्कता के साथ किया जाएगा.


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-भारत एक्सप्रेस



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