Karnataka Electricity Bill Hike: कर्नाटक इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (KERC) ने राज्य में बिजली कंपनियों को अतिरिक्त शुल्क वसूलने की अनुमति दी है. इस आदेश के बाद 1 मई 2026 से उपभोक्ताओं को हर यूनिट पर करीब 56 पैसे ज्यादा देने होंगे. इसे ‘ट्रू-अप चार्ज’ कहा जा रहा है, जिसका असर सीधे घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर पड़ेगा.
घरेलू उपभोक्ताओं पर असर
बेंगलुरु समेत पूरे राज्य में घरों के बिजली बिल बढ़ जाएंगे. अगर कोई परिवार महीने में 200 यूनिट बिजली खर्च करता है तो उसे लगभग 112 रुपये अतिरिक्त देने होंगे. ग्रामीण इलाकों में भी यह बढ़ोतरी लागू होगी, जिससे आम जनता पर सीधा बोझ बढ़ेगा.
उद्योग और व्यापार जगत पर असर
छोटे उद्योगों और दुकानदारों को भी ज्यादा बिल भरना होगा. बिजली कंपनियों का कहना है कि इस कदम से उन्हें वित्तीय स्थिरता मिलेगी और आपूर्ति सुचारू रहेगी लेकिन व्यापारियों का कहना है कि इससे उनकी लागत और बढ़ जाएगी.
ट्रू-अप चार्जेस की प्रक्रिया
ट्रू-अप चार्जेस का मतलब है कि बिजली कंपनियां पिछले सालों के खर्च और आय का मिलान करती हैं. अगर खर्च ज्यादा और आय कम रही तो उपभोक्ताओं से अतिरिक्त राशि वसूली जाती है. इस बार कंपनियों ने घाटे का हवाला देकर चार्जेस बढ़ाने की मांग की थी.
विपक्ष और जनता की नाराजगी
विपक्षी दलों ने इस फैसले का विरोध किया है. उनका कहना है कि सरकार और आयोग मिलकर जनता पर बोझ डाल रहे हैं. आम उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले से ही महंगाई बढ़ी हुई है, अब बिजली बिल बढ़ने से मुश्किलें और बढ़ेंगी.
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सरकार का पक्ष
सरकार का कहना है कि बिजली कंपनियों को घाटे से निकालना जरूरी है. अधिकारियों का कहना है कि अगर कंपनियां वित्तीय संकट में रहेंगी तो बिजली आपूर्ति प्रभावित होगी. इसलिए ट्रू-अप चार्जेस लागू करना मजबूरी थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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