रिपोर्टर-दीपक सिंह चौहान
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड के सिंघोर ग्राम पंचायत में उस वक्त सनसनी फैल गई जब करीब 70-80 साल से गुम बताई जा रही सोने की हाथी की मूर्ति टेडिया बांध से बरामद होने की जानकारी सामने आई है. रात के समय मिली इस मूर्ति के बाद पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है. बता दें कि दूर-दूर से लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. एहतियात के तौर पर मूर्ति की फोटो और वीडियो लेने पर रोक लगा दी गई है.
ग्रामीणों में फूटा आस्था का उफान
ग्रामीणों के अनुसार वर्षों पहले जंगल में बने एक स्थान से यह मूर्ति गायब हो गई थी. सिंघोर गांव में हाथी की पूजा की पुरानी परंपरा रही है. मान्यता है कि आसपास के गांवों में हाथियों का दल नुकसान पहुंचाता है लेकिन सिंघोर में आज तक हाथियों ने कभी कोई उत्पाद नहीं मचाया. मूर्ति से जुड़े कई किस्से चर्चा का विषय बने हुए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि मूर्ति रहने से कभी कोई हानि नहीं होती. ऐसे में मूर्ति के मिलने से आस्था और उत्साह दोनों चरम पर हैं. लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं और दूर-दूर से दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं.
मौके पर पहुंचे तहसीलदार
मामले की गंभीरता को देखते हुए सोनहत के तहसीलदार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से पूछताछ की. उन्होंने टेडिया बांध स्थल का भी निरीक्षण किया, जहां से मूर्ति मिलने की बात सामने आई है. प्रशासन अब मूर्ति की सुरक्षा, स्थापना और उसकी प्राचीनता को लेकर जांच की तैयारी में जुट गया है. मूर्ति को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और पुरातत्व विभाग से संपर्क किया जा रहा है ताकि इसकी प्रामाणिकता और ऐतिहासिक महत्व का पता लगाया जा सके.
गांव में उत्साह का माहौल
सिंघोर गांव में मूर्ति मिलने के बाद उत्साह का माहौल है. ग्रामीण इसे ईश्वर का आशीर्वाद मान रहे हैं. कई लोग कह रहे हैं कि मूर्ति के लौटने से गांव में सुख-समृद्धि आएगी. प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया है. मूर्ति की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है. लोग इसे चमत्कार मानकर मूर्ति के दर्शन कर रहे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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