देश में प्याज की सप्लाई को बेहतर बनाने और आम जनता तक इसे किफायती दामों में पहुंचाने के लिए सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज जारी करने का काम बड़े पैमाने पर शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में, इस वित्तीय वर्ष की पहली ‘कांदा एक्सप्रेस’ ट्रेन महाराष्ट्र के नासिक से प्याज की बड़ी खेप लेकर देश की राजधानी नई दिल्ली पहुंच चुकी है.
लॉजिस्टिक्स के इस मजबूत कदम से दिल्ली-एनसीआर समेत देश के प्रमुख उपभोग केंद्रों में प्याज की उपलब्धता काफी बेहतर हो जाएगी.
कहां मिलेगी सस्ती प्याज?
सरकार का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को किफायती कीमत पर प्याज उपलब्ध कराना है. इसके तहत तय आउटलेट्स और मोबाइल वैन के जरिए ₹35 प्रति किलोग्राम की दर से प्याज की खुदरा बिक्री शुरू की जा रही है.
- NCCF: 9 मुख्य दुकानों और 40 मोबाइल वैन के जरिए बिक्री करेगी.
- केंद्रीय भंडार: लगभग 100 आउटलेट्स पर यह सस्ती प्याज उपलब्ध होगी.
- सफल (Safal): मदर डेयरी के सफल आउटलेट्स के जरिए भी ग्राहकों को ₹35 में प्याज मिलेगी.
रेल और सड़क मार्ग का हाइब्रिड मॉडल लागू
प्याज को केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश के अन्य प्रमुख शहरों तक जल्दी पहुंचाने के लिए सरकार ‘हाइब्रिड ट्रांसपोर्ट मॉडल’ का इस्तेमाल कर रही है.
जहां दिल्ली के लिए कांदा एक्सप्रेस जैसी विशेष ट्रेनें चलाई गई हैं, वहीं चेन्नई, कोलकाता, एर्नाकुलम, गुवाहाटी, वाराणसी, लखनऊ, पटना, चंडीगढ़, जम्मू और अकैलाश विजयवर्गीय क्यों चाहते हैं और महंगी हो जाए चीनी?मृतसर जैसे शहरों में सड़क मार्ग से प्याज की नियमित सप्लाई भेजी जा रही है.
579 केंद्रों से की जा रही दैनिक निगरानी
उपभोक्ता मामले विभाग देशभर के 579 केंद्रों पर प्याज समेत 41 आवश्यक वस्तुओं की दैनिक कीमतों और बाजार के रुख पर सीधी नजर रख रहा है. आंकड़ों के अनुसार, इस साल 307.37 लाख मीट्रिक टन प्याज का मजबूत उत्पादन हुआ है और बफर स्टॉक में भी पर्याप्त मात्रा में प्याज मौजूद है.
सरकार का साफ कहना है कि बाजार की मांग और मूल्य रुझानों के आधार पर बफर स्टॉक से प्याज जारी करने की प्रक्रिया को आगे भी जारी रखा जाएगा, ताकि कीमतों में कोई अनुचित उछाल न आए.
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-भारत एक्तप्रेस
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