मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम: देश के लिए क्या था उनका योगदान?
म्यांमार आर्मी के जवान (फोटो फाइल)
Myanmar soldiers: म्यांमार में सेना के जवानों पर एक सशस्त्र जातीय समूह ने हमला किया है. इसके बाद यह जवान जान बचाने के लिए भारत आ गए और मदद की गुहार लगाने लगे. इस सशस्त्र जातीय समूह का अराकन है. आरकन ने म्यांमार की सेना के सैन्य शिविरों पर हमला कर कब्जा कर लिया है. जिसके बाद सेना के 151 जवान अपनी जान बचाते हुए मिजोरम पहुंच गए और असल राइफल्स से मदद की गुहार लगाई. जानकारी के मुताबिक फिलहाल इन जवानों को सुरक्षित रखा गया है. असम राइफल्स के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि म्यांमर के सैनिको की जानकारी विदेश मंत्रालयों को दे दी गई है. इसके साथ ही इन्होंने वापल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
जानकारी के मुताबिक जब अराकन समूह ने इन सैनिकों पर हमला किया तो म्यांमार के लांग्टलाई जिले के तुईसेंटलांग में असम राइफल्स के पास पहुंचे. वहीं एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय सीमा के पास म्यांमार सेना और अराकन सेना के लड़ाकों के बीच तेज गोलीबारी हो रही है.
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न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक असम राइफल्स के अधिकारी ने बताया है कि अराकान के हमले के बाद भारत भाग कर आए इन जवानों को सुरक्षित रखा गया है. हालांकि इन्हें जल्द उनके देश वापस भेजा जाएगा. इस बारे में विदेश मंत्रालय और म्यांमार की सैन्य सरकार के बीच बातचीत चल रही है. आपको बता दें कि म्यांमार में बीते समय से स्थानीय जातीय समूह और अराकन और सेना के जवानों के बीच लंबे समय से कई मोर्चे पर जंग चल रही है. जगह जगह अराकान के लड़ाके सैन्य शिविरों पर कब्जा करने के लिए गोलीबारी करते रहे हैं. इसे लेकर भारतीय सीमा पर भी हमेशा मुस्तैद बरती जा रही है.
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