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सोनिया-राहुल और सुब्रमण्यम स्वामी को दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया नेशनल हेराल्ड मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने सुब्रमण्यम स्वामी, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी तीनों को चार सप्ताह के भीतर दलीलों पर लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.

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राहुल गांधी और सोनिया गांधी (फोटो फाइल)

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Delhi News: दिल्ली हाईकोर्ट ने भाजपा के पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी व राहुल गांधी को नेशनल हेराल्ड मामले में संक्षिप्त जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने तीनों को चार सप्ताह के भीतर दलीलों पर लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. साथ ही कोर्ट ने कहा कि इसके बाद लिखित जवाब 15 हजार रुपए के मुकदमा खर्च के साथ स्वीकार किया जाएगा. कोर्ट 29 अक्टूबर अगली सुनवाई करेगा.

सुब्रमण्यम स्वामी ने नेशनल हेराल्ड मामले में निचली अदालत के समक्ष तत्काल अतिरिक्त सबूत पेश करने की अनुमति नहीं देने को हाईकोर्ट में चुनौती दी है. उन्होंने कहा है कि उन्हें इस मामले में निचली अदालत अतिरिक्त सबूत पेश करने की अनुमति दिया जाए, क्योंकि इसके आधार पर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ अभियोजन पुख्ता होगा. मालूम हो कि इस मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी एवं अन्य आरोपी हैं.

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हाईकोर्ट ने स्वामी की याचिका पर जवाब देने को कहा था

हाईकोर्ट ने 22 फरवरी, 2021 को सोनिया, राहुल, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) तत्कालिन महासचिव ऑस्कर फनर्नाडिज (जिनकी अब मृत्यु हो चुकी है), सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और यंग इंडिया (वाईआई) को नोटिस जारी करते हुए सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर जवाब देने को कहा था.

साथ ही निचली अदालत में चल रही आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी. कोर्ट ने कहा कि कार्यवाही पर रोक का अंतरिम आदेश मामले की अगली सुनवाई की तारीख तक जारी रहेगा. सुब्रमण्यम स्वामी ने 11 फरवरी, 2021 को निचली अदालत के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है जिसमें उन्हें अतिरिक्त सबूत पेश करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था.

सोनिया-राहुल को नए सबूतों से किया जा सकता है अभियोजित

स्वामी के अनुसार, नए सबूतों से सोनिया,राहुल गांधी एवं अन्य को मामले में अभियोजित किया जा सकता है. निचली अदालत ने कहा था कि सबूत रखने के लिए भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 244 के तहत स्वामी की अर्जी पर विचार उनकी गवाही होने के बाद किया जाएगा. सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट के महासचिव (रजिस्ट्री अधिकारी), उप भूमि एवं विकास अधिकारी और आयकर विभाग के उपायुक्त सहित कई गवाहों को तलब करने और उन्हें दाखिल दस्तावेजों को सत्यापित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है.

निचली अदालत में एक निजी फौजदारी शिकायत में सत्तारूढ भाजपा के नेता ने गांधी परिवार और अन्य पर धोखाधड़ी और गबन करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है, जिसके माध्यम से यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (वाईआई) ने 90.25 करोड़ रुपए वसूलने का अधिकार प्राप्त कर लिया, जो कि ‘नेशनल हेराल्ड’ समाचार पत्र के मालिक एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड द्वारा कांग्रेस को दिया जाना था.

— भारत एक्सप्रेस



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