बिहार के नवादा जिले से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है. यहां के नक्सल प्रभावित कौआकोल थाना क्षेत्र में अपराधियों ने बेखौफ होकर एक युवक की जान ले ली. गुरुवार की देर शाम जब पूरा इलाका धीरे-धीरे सन्नाटे की आगोश में जा रहा था, तभी गोलियों की तड़तड़ाहट ने सबको दहला दिया. अपराधियों ने जोगाचक गांव के रहने वाले 28 वर्षीय अजित कुमार को निशाना बनाया और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी.
घात लगाए बैठे थे हमलावरों
वारदात उस वक्त हुई जब अजित कुमार अपने परिवार और चाचा के साथ खेत में हाथ बंटा रहा था. शाम के वक्त वह जैसे ही गांधीधाम पुल के पास पहुंचा, अचानक वहां पहले से घात लगाए हमलावरों ने उस पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं. अजित के चाचा पवन कुमार ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे लोग खेत में ही थे कि अचानक तीन राउंड फायरिंग की आवाज सुनाई दी. जब तक वे भागकर मौके पर पहुंचे, अजित खून से लथपथ जमीन पर गिर चुका था. उसे आनन-फानन में कौआकोल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.
घर का इकलौता सहारा
ये मामला जैसे ही गांव पहुंची, मातम पसर गया. अजित पेशे से पेंटर था और कड़ी मेहनत कर अपने परिवार का पेट पालता था. इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि अजित की पत्नी सात महीने की गर्भवती है. जिस घर में नन्हे मेहमान के आने की खुशियां मनाई जानी थीं, वहां अब चीख-पुकार मची है. अजित अपने घर का सबसे बड़ा और कमाने वाला सदस्य था, उसके जाने से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
पुलिस की तफ्तीश
नक्सल प्रभावित इलाका होने की वजह से पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से देख रही है. मौके पर पहुंचे कौआकोल थाना के एएसआई (ASI) राम लखन शर्मा ने बताया कि शुरुआती जांच में यह पूरी तरह से हत्या का मामला लग रहा है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. हालांकि, अभी तक परिवार की ओर से किसी खास व्यक्ति पर दुश्मनी या शक का इजहार नहीं किया गया है, जिसकी वजह से पुलिस के लिए कातिलों तक पहुंचना एक चुनौती बना हुआ है.
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-भारत एक्सप्रेस
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