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“मेरे लिए परीक्षा नहीं, धार्मिक पहचान मायने रखती है” अजमेर में चेकिंग के दौरान बुर्का हटाने से छात्रा का इनकार

Ajmer News: अजमेर में एक छात्रा बुर्का पहनकर परीक्षा देने आई थी. परीक्षा केंद्र पर उसे बुर्का हटाने के लिए कहा गया. जिसपर उसने साफ मना कर दिया. छात्रा ने कहा कि उसके लिए धार्मिक पहचान मायने रखती है परीक्षा नहीं. छात्रा की पहचान कुलसुम बानो के तौर पर हुई है. वो ब्यावर से अजमेर नीट यूजी की परीक्षा देने के लिए आई थी.

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Ajmer News: देशभर में आज री-नीट यूजी 2026 की परीक्षा कराई गई. जहां छात्रों से स्मार्ट वॉच से लेकर हाथ के कलावे तक उतरवा दिया गया. इसी बीच अजमेर से ऐसी खबर सामने आई जिसने सभी को चौंका दिया. दरअसल एक छात्रा बुर्का पहनकर परीक्षा देने आई थी. परीक्षा केंद्र पर उसे बुर्का हटाने के लिए कहा गया. जिसपर उसने साफ मना कर दिया. छात्रा ने कहा कि उसके लिए धार्मिक पहचान मायने रखती है परीक्षा नहीं.

छात्रा की पहचान कुलसुम बानो के तौर पर हुई है. वो ब्यावर से अजमेर नीट यूजी की परीक्षा देने के लिए आई थी. जब वो परीक्षा केंद्र पर पहुंची तो उससे बुर्का उतारकर अंदर जाने को कहा गया.

परीक्षा नहीं बुर्का ज्यादा मायने रखता है

एनआईए से बातचीत करते हुए छात्रा कुलसुम बानो ने कहा कि, उसके लिए परीक्षा मायने नहीं रखती, मेरा बुर्का और पहचान ज्यादा मायने रखता है.

छात्रा ने बुर्का उतारकर परीक्षा केंद्र में जाने को गलत ठहराते हुए पूछा कि जब NTA ने बुर्का पहनकर परीक्षा देने की इजाजत दी है, तो फिर मुझे क्यों रोका जा रहा है. उसने आगे कहा कि वो मेडिकल प्रवेश परीक्षा देने के लिए ब्यावर से यहां पर आई थी.

पिछली बार भी यहीं कपड़े पहने हुए थी

उसने कहा कि पिछली बार भी उसने यहीं कपड़े पहने हुए थे, तब उसे परीक्षा केंद्र में जाने दिया गया था. कुलसुम ने आगे कहा कि जब मैंने 3 मई को परीक्षा दी थी तब भी वहीं कपड़े पहने हुए थे जो अभी पहने हुए हैं. पिछली बार भी वो बुर्का और दुपट्टा पहनी थी.

शुरू में दुपट्टा हटाने के लिए कहा गया

कुलसुम ने आगे कहा कि शुरू में परीक्षा केंद्र में घुसने के लिए दुपट्टा हटाने के लिए बोला गया, पर बाद में अधिकारियों ने कहा कि बुर्का भी हटाना पड़ेगा.

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बानो ने आगे कहा कि एनटीए ने उनलोगों को बुर्का पहनकर परीक्षा केंद्र में जाने की इजाजत दी है, तो फिर ये लोग हमें रोक नहीं सकते, अगर मुझे इन कपड़ों में परीक्षा केंद्र के अंदर नहीं जाने दिया जाएगा, तो मैं यह परीक्षा ही नहीं दूंगी. मेरे लिए परीक्षा मायने नहीं रखती, मेरा बुर्का मेरी पहचान मायने रखता है.

-भारत एक्सप्रेस



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