चिनाब नदी पर बना सलाल डैम बंद
Water Strike On Pakistan: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद से भारत सरकार लगातार पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है. इसी कड़ी में सरकार ने सिंधु जल समझौते पर रोक लगा दी है. समझौते को निलंबित करने के बाद अब नदियों के पानी को पाकिस्तान जाने से रोका जा रहा है, जिसके तहत चिनाब नदी पर बने सलाल बांध के सभी गेट को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है. गेट बंद होने से रियासी जिले में जलस्तर में काफी कमी आ गई है.
सलाल डैम के सभी गेट बंद
सलाल बांध पर गेट को बंद किए जाने के बाद भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर की है, जिसमें उन्होंने लिखा है- “भारत के हित में कठोर निर्णय लेने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है, और प्रधानमंत्री मोदी ने इसे अपने फैसलों के जरिए दिखाया है. यह मोदी का दृढ़ सिद्धांत है, जो आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में दृढ़ और अडिग है. पानी और हमारे नागरिकों का खून एक साथ नहीं बह सकता. यह स्पष्ट होना चाहिए.”
Pahalgam Terror Attack का दिया जाए मुंहतोड़ जवाब
वहीं एक स्थानीय निवासी दिनेश ने कहा, “हमें खुशी है कि सरकार ने पाकिस्तान को मिलने वाले पानी के प्रवाह को रोक दिया है . जिस तरह से उन्होंने पहलगाम (Pahalgam Terror Attack) में हमारे पर्यटकों को मारा, पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब मिलना चाहिए. वे जो भी निर्णय लेंगे, हम सरकार के साथ हैं.” एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने कहा, “यह बहुत बड़ी उपलब्धि है. सरकार का यह कदम बहुत अच्छा है. हमारी सरकार पाकिस्तान को कई तरह से मुंहतोड़ जवाब दे रही है. हम सब सरकार के साथ हैं.”
जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में भारी बारिश के बाद 2 मई को चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ गया . इससे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 28 अप्रैल को सिंधु जल संधि को स्थगित करने के फैसले की सराहना करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक साहसिक कदम बताया था.
सिंधु जल संधि पर भारत और पाकिस्तान के बीच नौ साल की बातचीत के बाद 1960 में हस्ताक्षर किए गए थे , जिसमें विश्व बैंक ने मध्यस्थता की थी. विश्व बैंक के पूर्व अध्यक्ष यूजीन ब्लैक ने बातचीत की शुरुआत की थी.
पहलगाम में हुआ हमला (Pahalgam Terror Attack) 2019 के पुलवामा हमले के बाद घाटी में हुए सबसे घातक हमलों में से एक है, जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान मारे गए थे. पहलगाम आतंकी हमले के बाद, भारत ने सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं, जिसमें सिंधु जल संधि को स्थगित करना भी शामिल है.
-भारत एक्सप्रेस
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