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पार्वती गिरि को पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, बोले- भारत छोड़ो आंदोलन में निभाई थी अहम भूमिका

आज देश महान स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक पार्वती गिरि की जन्म शताब्दी मना रहा है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में उनके योगदान और समाज सेवा के प्रति उनके जुनून की सराहना की.

PM Modi paid tribute to parbati giri

आज यानी 19 जनवरी को भारत की प्रमुख महिला स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक पार्वती गिरि की जन्म शताब्दी है. इस मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की. पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने आदोलन में सराहनीय भूमिका निभाई.

आंदोलन में सराहनीय भूमिका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्वती गिरि की जन्म शताब्दी के अवसर पर एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित. पीएम मोदी ने अपने पोस्ट के जरिए बताया कि उन्होंने औपनिवेशिक शासन को समाप्त करने के आंदोलन में सराहनीय भूमिका निभाई.

उन्होंने आगे कही कि सामुदायिक सेवा के प्रति उनका जुनून और स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तिकरण और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में उनका योगदान सराहनीय है. पीएम मोदी ने अपने पिछले महिने की ‘मन की बात’ का एक छोटा सा हिस्सा भी साझा किया. इसमें उन्होंने पार्वती गिरि के संघर्ष और योगदानों की सराहना की.

कौन थी पार्वती गिरि?

पार्वती गिरि (1926–1995) ओडिशा की एक महान स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक थीं. उन्हें उनकी निस्वार्थ सेवा के कारण “पश्चिमी ओडिशा की मदर टेरेसा” के नाम से जाना जाता है. सिर्फ 16 वर्ष की आयु में वे महात्मा गांधी के आह्वान पर ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में कूद पड़ीं, जिसके कारण उन्हें दो साल की जेल भी काटनी पड़ी.

चुना सेवा का मार्ग

स्वतंत्रता के बाद, उन्होंने राजनीति के बजाय समाज सेवा का मार्ग चुना और अपना पूरा जीवन अनाथों, गरीबों और असहाय महिलाओं के उत्थान में लगा दिया. उन्होंने संबलपुर जिले के नृसिंहनाथ में अनाथों के लिए ‘कस्तूरबा गांधी मातृ निकेतन’ जैसे आश्रमों की स्थापना की. उनके मानवीय कार्यों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए ओडिशा सरकार ने राज्य की एक प्रमुख सिंचाई परियोजना का नाम पार्वती गिरि मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना रखा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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