राज्यसभा में मंगलावर (9 दिसंबर) को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जो लोग वंदे मातरम् के महत्व को नहीं जानते वे इसे चुनाव से जोड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये सही है कि बंकिम बाबू की पृष्टभूमि बंगाल थी, लेकिन वंदे मातरम् बंगाल तक समिति नहीं था. आज भी सरहद पर जवान अपना सर्वोच्च बलिदान देता है उसके मुंह पर एक ही मंत्र होता है वो है वंदे मातरम्. वंदे मातरम् का नारा आजादी के उद्घोष का नारा बन गया था.
अमित शाह ने बताया वंदे मातरम पर चर्चा जरूरी क्यों ?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा, “कुछ सदस्यों ने लोकसभा में वंदे मातरम पर इन चर्चाओं की आवश्यकता पर सवाल उठाए. वंदे मातरम पर चर्चा की आवश्यकता, वंदे मातरम के प्रति समर्पण की आवश्यकता, उस समय भी महत्वपूर्ण थी, आज भी है और 2047 के हमारे उज्ज्वल भविष्य के लिए हमेशा महत्वपूर्ण रहेगी. कुछ लोगों को लगता है कि ये चर्चाएं बंगाल में आगामी चुनावों के कारण हो रही हैं. वे इन चर्चाओं को बंगाल चुनावों से जोड़कर हमारे राष्ट्रगीत के गौरव को कमतर आंकना चाहते हैं.
आजादी के आंदोलन में राष्ट्रीय एकता का स्वर बनने वाला गीत ‘वन्दे मातरम्’ आत्मनिर्भर व विकसित भारत की प्रेरणा बन रहा है। बंकिम बाबू द्वारा लिखित इस अमर गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर राज्यसभा में चर्चा से लाइव… https://t.co/CBUHXQf0Oc
— Amit Shah (@AmitShah) December 9, 2025
उन्होंने आगे कहा कि, “यह सही है कि वंदे मातरम के रचयिता बंकिम बाबू बंगाल से थे, आनंद मठ की उत्पत्ति बंगाल में हुई थी, लेकिन वंदे मातरम केवल बंगाल या देश तक ही सीमित नहीं था. जब देश की सीमा पर कोई सैनिक, या देश के भीतर से देश की रक्षा करने वाला कोई पुलिसकर्मी, देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देता है, तो वह केवल वंदे मातरम का ही नारा लगाता है.”
कांग्रेस पर निशाना
अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, “कांग्रेस के जिस जिस सांसद ने वंदे मातरम् नहीं गाने पर बयान दिया. सदन से बाहर चले गए, मैं इसकी लिस्ट आज शाम तक सदन के पटल पर रख दूंगा. इस सदन के चर्चा के रिकॉर्ड में रहना चाहिए कि कांग्रेस के सांसद वंदे मातरम् का विरोध करते हैं बंकिम चंद्र की 130वीं जयंती पर हमारी सरकार ने एक स्टांप जारी किया. आजादी के 75वीं वर्षगांठ पर हर घर तिरंगा अभियान भी हमने शुरू किया और आह्वान किया था तिरंगा फहराते वक्त वंदे मातरम् का कहना भूलना नहीं है.”
दरअसल राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने के मौके पर भारत सरकार की ओर से सालभर का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. 2 दिसंबर को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सभी दलों के प्रतिनिधियों की मीटिंग बुलाई थी. इसमें तय किया गया था कि वंदे मातरम को लेकर 8 दिसंबर को लोकसभा और 9 दिसंबर को राज्यसभा में चर्चा होगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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