ITBP Raising Day: भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने अपना 64वां स्थापना दिवस मनाया. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने बल के कर्मियों और उनके परिवारों को बधाई और शुभकामनाएं दीं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से सभी आईटीबीपी ‘हिमवीरों’ और उनके परिवारों को बधाई दी. उन्होंने बल को “अद्वितीय साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक” बताया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आईटीबीपी के जवान सबसे कठिन जलवायु और दुर्गम भूभागों में सेवा करते हुए अटूट संकल्प के साथ राष्ट्र की रक्षा करते हैं. उन्होंने आपदा राहत और बचाव अभियानों के दौरान उनकी करुणा और तत्परता की भी सराहना की.
गृह मंत्री शाह ने शहीदों को किया सलाम
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी ‘एक्स’ पर आईटीबीपी कर्मियों को उनके स्थापना दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं. उन्होंने लिखा कि कठिन और दुर्गम परिस्थितियों में राष्ट्र की गरिमा की रक्षा करते हुए आईटीबीपी के हिमवीरों ने अपने साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण के गौरवशाली उदाहरण स्थापित किए हैं. गृह मंत्री ने देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों को सलाम किया.
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी अपनी शुभकामनाएं देते हुए जवानों के अटूट साहस, समर्पण और निस्वार्थ सेवा को सराहा. उन्होंने ‘कर्तव्य पथ पर सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि’ दी.
1962 के युद्ध के बाद हुआ था गठन
गौरतलब है कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की स्थापना 24 अक्टूबर 1962 को भारत-चीन युद्ध के बाद की गई थी. इस बल का मुख्य कार्य भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की सुरक्षा करना है. शुरुआती दौर में इसका गठन खुफिया जानकारी एकत्र करने, पारंपरिक और गुरिल्ला युद्ध लड़ने और चीनी सीमा पर भारतीय संचार प्रणालियों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया गया था. बल ने 1965 और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्धों में भी हिस्सा लिया था.
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