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क्रिकेट के साथ होगा कबड्डी का भी जलवा: पीएम मोदी के स्वागत के लिए तैयार ऑस्ट्रेलिया, उच्चायुक्त ने बताया पूरा प्लान

ऑस्ट्रेलिया में भारत के उच्चायुक्त नागेश सिंह ने कहा कि पीएम मोदी के आगामी दौरे से दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई ताकत मिलेगी. खनिज, तकनीक और 10 लाख भारतीय प्रवासियों के दम पर यह रिश्ता मजबूत हो रहा.

High Commissioner Nagesh Singh On PM Modi Australia Visit

PM Modi Australia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे को लेकर दोनों देशों में गजब का उत्साह है. ऑस्ट्रेलिया में भारत के उच्चायुक्त नागेश सिंह ने इस दौरे को बेहद अहम बताते हुए कहा कि पिछले 10 सालों में पीएम मोदी का यह तीसरा ऑस्ट्रेलिया दौरा है, जो साफ दिखाता है कि दोनों देशों के रिश्ते कितनी तेजी से आगे बढ़े हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि आज दुनिया में जहां कई जगह युद्ध और तनाव का माहौल है, ऐसे में भारत और ऑस्ट्रेलिया की रणनीतिक साझेदारी एक बेहद मजबूत और स्थिर मंच बनकर उभरी है.

एक साथ होंगे तकनीक और भारत का हुनर

उच्चायुक्त नागेश सिंह के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया के पास खनिज संसाधनों का भारी भंडार है, जिसकी भारत को सख्त जरूरत है. वहीं, भारत के पास एक विशाल बाजार और बेहतरीन मैन्युफैक्चरिंग क्षमता है. जब ऑस्ट्रेलिया की हाईटेक तकनीक और भारत का हुनर साथ मिलेंगे, तो दोनों देशों का विकास दोगुना हो जाएगा.

इन सबसे ऊपर, ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले करीब 10 लाख भारतीय मूल के लोग दोनों देशों के बीच एक मजबूत पुल का काम कर रहे हैं, जो वहां राजनीति से लेकर बिजनेस में बड़े पदों पर हैं. इस बार होने वाला तीसरा ‘लीडर्स समिट’ इस दोस्ती को और नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा.

क्रिकेट से आगे निकलेगी खेल की दोस्ती

पीएम मोदी के स्वागत में मार्बल एरिना में एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम होने जा रहा है, जिसमें करीब 25 से 30 हजार लोगों के जुटने की उम्मीद है. यहां दोनों देशों के प्रधानमंत्री जनता को संबोधित करेंगे. खास बात यह है कि इस बार भारत-ऑस्ट्रेलिया अपनी खेल साझेदारी को सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रखना चाहते.

इस कार्यक्रम में भारत की तरफ से ‘कबड्डी’ और ऑस्ट्रेलिया की तरफ से उनका मशहूर फुटबॉल यानी ‘फुटी’ का प्रदर्शन किया जाएगा. नागेश सिंह ने साफ किया कि यह द्विपक्षीय रिश्ता किसी को दबाने के लिए नहीं, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए है.

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-भारत एक्सप्रेस



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