रेलवे
Modi Cabinet Meeting Decision: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट ने बुधवार को रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 12,328 करोड़ रुपये की चार बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इन परियोजनाओं का लक्ष्य सिर्फ नई पटरियां बिछाना नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में जान फूंकना है. ये परियोजनाएं पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PM Gati Shakti Yojana) का हिस्सा हैं. इससे गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना, बिहार और असम जैसे राज्यों में कनेक्टिविटी, माल ढुलाई और क्षेत्रीय विकास को एक नई रफ्तार देंगी.
गणेश चतुर्थी पर उठाए गए मोदी कैबिनेट (PM Modi Cabinet) के फैसलों से न केवल रेलवे की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि ये रोजगार के अवसर पैदा करेंगे और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी लाएंगे. आइये जानें किन परियोजनाओं को मंजूरी मिली है और इनसे क्या लाभ होने वाला है?
ये भी पढ़ें: कनाडा आउट, इंडिया इन! मोदी कैबिनेट के फैसले 2030 में मिल सकती है खुशखबरी; कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अहमदाबाद फाइनल
गुजरात में नई रेल लाइन
इन परियोजनाओं में गुजरात के कच्छ क्षेत्र में नई देशलपर-हाजीपीर-लूना (Deshalpur Hajipir Luna Railway Line) और वयोर-लाखपत रेल लाइन (Deshalpur Hajipir Luna Railway Line) शामिल है. इसकी लागत 2,526 करोड़ रुपये होगी. यह 145 रूट किमी और 164 ट्रैक किमी लंबी होगी और तीन साल में पूरी होगी. इस लाइन से नमक, सीमेंट, कोयला, क्लिंकर व बेंटोनाइट के परिवहन में आसानी होगी और रण ऑफ कच्छ, धोलावीरा, कोटेश्वर मंदिर, नारायण सरोवर और लाखपत किले तक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. इस रूट में 13 नए स्टेशन जुड़ेंगे.
अन्य प्रोजेक्ट को मंजूरी
- 5,012 करोड़ रुपये की लागत से सिकंदराबाद (सनथनगर)- वाडी तीसरी व चौथी लाइन परियोजना (Secunderabad Wadi Rail Line) को पांच साल में पूरा किया जाएगा. इससे कर्नाटक व तेलंगाना को लाभ होगा.
- 1,156 करोड़ रुपये की लागत से भागलपुर-जमालपुर तीसरी लाइन परियोजना (53 किमी) की परियोजना (Bhagalpur Jamalpur Rail Project) पर काम चलेगा. इससे बिहार में लोगों को लाभ होगा.
- 3,634 करोड़ रुपये की लागत से फुरकाटिंग-न्यू तिनसुकिया डबलिंग परियोजना (194 किमी) (Furkating New Tinsukia Doubling Project) को मंजूरी दी गई है. इससे असम के लोगों को लाभ होगा.
रोजगार और पर्यावरण शुरक्षा
इन परियोजनाओं से 360 करोड़ किलो CO₂ उत्सर्जन में कमी का प्रभाव 14 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर होगा. यह लॉजिस्टिक लागत में कमी, तेल आयात घटाने और कार्बन उत्सर्जन में कमी के साथ जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी. इससे साथ ही देश में रोजगार के साथ ही यातायात में विस्तार होगा.
- 565 रूट किमी नई रेल क्षमता जुड़ेगी
- 3,108 गांवों और 47 लाख से अधिक लोगों को लाभ होगा
- निर्माण के दौरान 251 लाख मानव-दिवस का रोजगार मिलेगा
- भीड़ कम होगी, और यात्री व माल सेवाएं बेहतर होंगी
- सालाना 68 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई की जाएगी
पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान
मोदी कैबिनेट (PM Modi Cabinet) में मंजूर ये परियोजनाएं पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत बनाई गई हैं, जिनका लक्ष्य एकीकृत मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास है. रेलवे मंत्रालय के अनुसार, यह इंफ्रास्ट्रक्चर प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत विजन के अनुरूप है और क्षेत्र में रोजगार व स्वरोजगार के अवसर बढ़ाएगी. इन प्रयासों से लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी, और पर्यावरण को भी फायदा होगा, जो आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


