भारतीय समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भारत ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय तटरक्षक बल (ICG) के नए वेसल ‘समुद्र प्रताप’ के शुभारंभ को देश के आत्मनिर्भर विजन की एक बड़ी जीत बताया है. प्रधानमंत्री ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संदेश को साझा करते हुए स्पष्ट किया कि यह वेसल केवल एक रक्षा उपकरण नहीं, बल्कि स्थिरता के प्रति भारत की वैश्विक प्रतिबद्धता का प्रतीक है.
आत्मनिर्भर भारत के विजन को मिली मजबूती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स पोस्ट में इस बात पर विशेष जोर दिया कि ‘आईसीजीएस समुद्र प्रताप’ का चालू होना कई कारणों से ऐतिहासिक है.
The commissioning of Indian Coast Guard Ship (ICGS) Samudra Pratap is noteworthy for numerous reasons, including the fact that it adds strength to our vision of self-reliance, boosts our security apparatus and reflects a commitment to sustainability, among others.… https://t.co/tHFo7M4Abh
— Narendra Modi (@narendramodi) January 7, 2026
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि इंडियन कोस्ट गार्ड शिप (ICGS) समुद्र प्रताप का कमीशन होना कई वजहों से खास है, जिसमें यह बात भी शामिल है कि यह आत्मनिर्भरता के हमारे विजन को मजबूती देता है, हमारे सुरक्षा सिस्टम को बढ़ावा देता है और सस्टेनेबिलिटी के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है.
प्रदूषण से जंग और आधुनिक सुरक्षा तंत्र
इस वेसल की सबसे बड़ी विशेषता इसका “प्रदूषण नियंत्रण” (Pollution Control) तंत्र है. यह भारत का पहला ऐसा स्वदेशी वेसल है जिसे विशेष रूप से समुद्र में होने वाले तेल रिसाव और पर्यावरणीय आपदाओं से निपटने के लिए डिजाइन किया गया है. गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) द्वारा तैयार किया गया यह वेसल प्रधानमंत्री के उस विजन को दर्शाता है जिसमें रक्षा के साथ-साथ पर्यावरण की स्थिरता (Sustainability) को भी समान महत्व दिया गया है. पीएम मोदी ने इस बात को रेखांकित किया कि समुद्र प्रताप का संचालन हमारे सुरक्षा तंत्र को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी बखूबी निभाता है.
सुरक्षा के साथ शांति का संदेश
प्रधानमंत्री के ट्वीट और रक्षा मंत्री के संबोधन के केंद्र में भारत की ‘जिम्मेदार समुद्री शक्ति’ होने की छवि स्पष्ट रूप से झलकी. जहां एक तरफ यह वेसल आधुनिक समुद्री चुनौतियों से निपटने के लिए बनाया गया है, वहीं दूसरी तरफ यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता का भी माध्यम बनेगा. सरकार का संदेश साफ है: भारत अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है, और ‘समुद्र प्रताप’ जैसे आधुनिक वेसल किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए तैनात हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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