पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग खत्म होते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक अलग अंदाज देखने को मिला. शुक्रवार सुबह पीएम मोदी हुगली नदी के घाट पर पहुंचे और नाव की सवारी (PM Modi Hooghly Boat Ride) का आनंद लिया.
बताते चलें उन्होंने इस दौरान न सिर्फ मां गंगा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की बल्कि खुद कैमरे से फोटोग्राफी भी की. लेकिन इस पूरे दौरे की सबसे दिलचस्प कहानी उस नाविक की है, जिसकी नाव में प्रधानमंत्री सवार हुए थे.
नाव के मालिक से क्या बोले पीएम?(PM Modi Hooghly Boat Ride)
जिस नाव में बैठकर प्रधानमंत्री ने फोटोशूट किया, उसके मालिक मोहम्मद इफ्तिखार अहमद ने अपनी हैरानी जाहिर की है. इफ्तिखार ने बताया कि सुबह एक व्यक्ति ने उनसे 7 नावें मांगी थीं. जब उन्होंने पूछा कि क्या कोई वीआईपी आने वाला है तो उन्हें टाल दिया गया.
#WATCH | Kolkata | Mohammed Iftikhar Ahmed, boat owner whose boats were hired for PM Modi’s visit to Hooghly ghats
He says, “This morning, a man who works here asked me for seven boats. So, I asked him if it was for VIPs. He said it was nothing major. Soon after, we positioned… pic.twitter.com/M6mybWPMuO
— ANI (@ANI) April 24, 2026
लेकिन पीएम मोदी के आने से महज 5 मिनट पहले उन्हें पता चला कि देश के प्रधानमंत्री उनकी नाव पर सवार होने वाले हैं. इफ्तिखार के मुताबिक, पीएम मोदी ने उनसे बेहद गर्मजोशी से मुलाकात की और आपसी सौहार्द के साथ रहने का संदेश भी दिया.
हुगली की लहरों से निहारा ऐतिहासिक हावड़ा ब्रिज
नाव की सवारी के दौरान पीएम मोदी का पूरा ध्यान बंगाल की विरासत पर था. उन्होंने हुगली नदी के बीच से ऐतिहासिक हावड़ा ब्रिज और विद्यासागर सेतु को निहारा. पीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर तस्वीरें साझा करते हुए अपने अनुभव लिखे.
उन्होंने याद किया कि कैसे कल शाम वे हावड़ा से कोलकाता तक के लंबे रोड शो के दौरान इसी पुल पर थे और आज सुबह वे इसे नदी के बीच से देख रहे हैं. पीएम ने लिखा कि गंगा बंगाल की आत्मा में बहती है और इसके दर्शन करना हमेशा सुखद होता है.
चुनाव के बीच ‘फोटोग्राफर’ बने मोदी
अक्सर चुनावी रैलियों में आक्रामक दिखने वाले पीएम मोदी यहां एक शांत फोटोग्राफर की भूमिका में नजर आए. उन्होंने नाव पर बैठकर (PM Modi Hooghly Boat Ride) ब्रिज और नदी के किनारों की कई शानदार तस्वीरें खींचीं. पीएम ने बंगाल के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि गंगा का महत्व धार्मिक ही नहीं बल्कि बंगाल की प्रगति के लिए भी अनिवार्य है. राजनीतिक गलियारों में पीएम के इस दौरे को बंगाल की जनता के साथ भावनात्मक जुड़ाव बनाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है.
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सौहार्द और विकास का संदेश
नाविकों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने एकता और भाईचारे पर जोर दिया. मोहम्मद इफ्तिखार ने बताया कि प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि हम सभी को मिल-जुलकर और सौहार्दपूर्ण ढंग से रहना चाहिए. चुनाव के गरमा-गरम माहौल के बीच पीएम का यह ‘शांति संदेश’ और गंगा किनारे बिताया गया समय काफी चर्चा बटोर रहा है. नाविकों के लिए यह किसी सपने जैसा था कि देश का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति उनकी साधारण नाव में बैठकर आम लोगों की तरह बातें कर रहा था.
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-भारत एक्सप्रेस
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